अदालत ने आम्रपाली बिल्डर के दो वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ के लिए पांच दिन का रिमांड दिया है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इन्हें गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा था।
कड़कड़डूमा जिला अदालत ने आम्रपाली के मुख्य वित्त अधिकारी चंदर वधवा व ऑडीटर अनिल मित्तल को पांच दिन के पुलिस रिमांड में भेजा है। आर्थिक अपराध शाखा ने इन आरोपियों का रिमांड मांगते हुए कहा कि कई बोगस कंपनियां बनाने में इनकी खास भूमिका रही है।
पुलिस का आरोप है कि इन बोगस कपंनियों का इस्तेमाल घर खरीदारों के पैसे को इधर से उधर करने में किया जाता था। इन कंपनियों में अपने ही जानकारों या रिश्तेदारों को ही निदेशक व दूसरे बड़े पद दिए जाते थे।
सुप्रीम कोर्ट ने खरीदारों से धोखाधड़ी के मामले में फैसला सुनाते हुए रेरा के अंतर्गत आम्रपाली समूह का पंजीकरण रद कर दिया था। इसके अलावा दिल्ली एनसीआर में समूह की संपत्तियों को अपने कब्जे में लेकर वहां निर्माण की जिम्मेदारी एनबीसीसी को सौंप दी थी।