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निजी अस्पतालों पर दिल्ली सरकार की सख्ती, हादसे में घायलों का इलाज से मना करने पर होगी कार्रवाई

Tue, 30 Jul 2019 08:08 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जानकारी देते हुए केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली सरकार ने निजी अस्पतालों के प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिया है कि वे दुर्घटना पीड़ितों का इलाज करने से किसी भी हालत में इनकार नहीं करेंगे। इसकी शिकायत पर सरकार कार्रवाई करेगी। 
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अगर इलाज न मिलने से किसी मरीज की मौत हो जाती है तो संबंधित अस्पताल का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को निजी अस्पताल के प्रबंधकों के साथ इस बारे में बैठक की।

बाद में मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार ने पिछले साल फरवरी में एक योजना लांच की थी। इसके तहत सड़क दुर्घटना, एसिड अटैक आगजनी में घायल मरीजों के खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। 
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केजरीवाल ने बताया कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी इस बारे में निर्देश दिया था। लेकिन इलाज की रकम फंस जाने की आशंका से निजी अस्पताल कई बार मना कर देते थे। लेकिन दिल्ली सरकार की योजना से इलाज खर्च की दिक्कत भी खत्म हो गई थी।
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अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पिछले दिनों शिकायतें मिली थीं कि निजी अस्पताल इलाज से आनाकानी कर रहे हैं। इस बारे में मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में सभी निजी अस्पतालों के प्रबंधकों की बैठक बुलाई गई। 

इसमें अस्पताल प्रबंधकों से कहा गया है कि वह किसी भी हालत में तीनों मामलों में इंकार नहीं करेंगे। ऐसा होने पर सरकार कार्रवाई करेगी। अगर इलाज न मिलने से मरीज की मौत हो जाती है तो सरकार अस्पताल का लाइसेंस भी रद्द कर सकती है।

अस्पताल पहुंचाने की एवज में सिर्फ 100 लोगों ने लिया पुरस्कार
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पिछले 18 महीनों में 2,501 लोगों का योजना के तहत निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज हुआ। योजना के तहत जो भी व्यक्ति दुर्घटना के शिकार लोगों को अस्पताल पहुंचाएगा, उसको 2,000 रुपये का पुरस्कार मिलेगा। 

लेकिन दिलचस्प यह कि अभी तक आए 2501 मामलों में से ज्यादातर लोगों ने पुरस्कार लेने से इंकार कर दिया। बमुश्किल 100 लोगों पुरस्कार लिया है। 
 
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