एसएसपी ने इस मामले में जांच के आदेश दिए। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि जब इस मामले की जांच की गई तो तो यह पूरा प्रकरण फर्जी पाया गया। जिलाधिकारी ने इस तरह के कोई आदेश जारी नहीं किए थे। इस मामले की जांच के बाद 12वीं में पढ़ने वाले 2 छात्रों को गिरफ्तार किया है।
यह दोनों छात्र सेक्टर 12 के एक स्कूल में पढ़ते हैं। छात्रों ने मौज मस्ती के लिए यह खुराफात की और डीएम के पुराने आदेश को कॉपी कर एक ऐप के माध्यम से तिथि में बदलाव किया। इसके बाद 23 और 24 दिसंबर की तिथि को ऐप के माध्यम से एडिट किया।
इस गलत आदेश को छात्रों ने अपने स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप पर डाल दिया। इसके बाद यह फर्जी आदेश वायरल हो गया। इससे जनपद में गलतफहमी फैल गई और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें सामने आई।
गिरफ्तार छात्रों से पूछताछ में पता चला कि यह मौज मस्ती करने के लिए 2 दिन की छुट्टी चाहते थे, इस कारण ऐप के माध्यम से तिथि बदल कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। यह मामला बिल्कुल गलत है और जिलाधिकारी के लेटर पैड के साथ छेड़खानी करना गैर संवैधानिक है। इस कारण दोनों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है।
मंगलवार को दोनों को जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले की जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है। अगर इस मामले में किसी और छात्र या किसी की संलिप्तता पाई गई तो उनकी भी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।