नोएडा में 220 केवी के दो और सबस्टेशन बनाने को लेकर करार हुआ है। प्राधिकरण ने इसे बनाने की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को सौंप दी है।
220 केवी का पहला सबस्टेशन सेक्टर 14ए के सामने स्थित शनि मंदिर के पास बनेगा। इसके लिए जमीन चिंहित कर ली गई है, जबकि दूसरा सबस्टेशन बॉटेनिकल गार्डेन में बनेगा। इसकी जमीन पाने के लिए प्राधिकरण ने बॉटेनिकल गार्डेन को पत्र लिखा है। इन दोनों ही बिजलीघरों की शुरुआती क्षमता 160-160 एमवीए की होगी।
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हालांकि बाद में इनकी क्षमता में इजाफा किया जाएगा। इन दोनों बिजलीघरों को सेक्टर 148 में प्रस्तावित 400 केवी सबस्टेशन से जोड़ा जाएगा। 90-90 करोड़ रुपये दोनों की लागत आएगी। काम पूरा होने में 18 महीने लगेंगे।
प्राधिकरण ने बिजलीघर बनवाने का जिम्मा उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को सौंप दिया है। निगम के साथ प्राधिकरण मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैटिंड पर हस्ताक्षर भी कर चुका है। यह बिजलीघर भी गैस इनसुलेटेड तकनीक पर बनेगा। इस तकनीक से बनने पर जमीन की जरूरत आधी कम हो जाती है।
नोएडा की बेशकीमती जमीन को ध्यान में रखते हुए जीआईएस तकनीक पर बनाने का निर्णय हुआ है। वहीं, राजकीय निर्माण निगम ने तकनीकी सलाहकार के रूप में नियुक्त करने के लिए उत्तर प्रदेश ट्रांसमिशन कार्पोरेशन लिमिटेड को पत्र लिखा है। सभी कागजी प्रक्रिया पूरी कर चुनाव बाद काम शुरू कराने की तैयारी है।
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दरअसल, सेक्टर 123 व 148 में 400 केवी के दो सबस्टेशन प्रस्तावित हैं। इनका भी निर्माण कराने का जिम्मा राजकीय निर्माण निगम को ही दिया गया है। निर्माण निगम कागजी प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है। चुनाव बाद इन पर काम शुरू हो जाएगा। ये बिजलीघर भी डेढ़ से दो साल में बनेंगे।
इनके बनने के बाद 220 केवी सबस्टेशनों की जरूरत पड़ती। दोनों बिजलीघरों के बन जाने से यह जरूरत पूरी हो जाएगी। 400 और 220 केवी के सबस्टेशन एकसाथ बनकर तैयार हो जाएंगे। इससे नोएडा में बिजली की समस्या दूर हो जाएगी। मौजूदा समय में 220 केवी के तीन सबस्टेशन सेक्टर 20, 62 व 129 बने हुए हैं, जोकि पाली स्थित 400 केवी सबस्टेशन से जुड़े हैं।
ट्रांसफॉर्मर के लिए जल्द पैसे देगा प्राधिकरण
पाली स्थित 400 केवी सबस्टेशन में 500 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए प्राधिकरण विद्युत निगम को जल्द पैसे भेजेगा। प्राधिकरण का वित्त एवं लेखा विभाग निगम केप्रस्ताव का परीक्षण कर रहा है। पहली किश्त 9.5 करोड़ रुपये की जारी जाएगी। प्राधिकरण बाकी का पैसा अगली किश्त में भेजेगा।
इस ट्रांसफॉर्मर के लिए नोएडा व ग्रेटर नोएडा को मिलकर 29 करोड़ रुपये देने हैं, जिसमें से नोएडा के हिस्से में 19 करोड़ आया है। हाल ही में संपन्न बोर्ड बैठक में इसे मंजूरी भी दी जा चुकी है। अभी इस बिजलीघर की क्षमता 945 एमवीए की है। 500 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर लग जाने से आगामी गर्मी में नोएडा व ग्रेटर नोएडा की बिजली जरूरत काफी हद तक पूरी हो सकेगी।