दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे पर पैदल सड़क पार करने वालों की सुविधा के लिए दो नए फुटओवर ब्रिज तैयार हैं। खाडसा गांव से सटा पहला एफओबी सात दिन में, जबकि दूसरा इफको चौक फ्लाई ओवर के पास अगले माह में चालू हो जाएगा।
दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे पर सिरहौल टोल प्लाजा से लेकर खेड़कीदौला टोल के बीच छह एफओबी हो जाएंगे। एनएचएआई(नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने तीन करोड़ रुपये का भुगतान होंडा चौक के पास खाड़सा गांव व बहरामपुर को जोड़ने के बीच किया है, जबकि पांच करोड़ की लागत से सुखराली गांव व सेक्टर 29 को जोड़ने के लिए एक एफओबी का निर्माण किया है।
इस एफओबी के निर्माण में आने वाले खर्च का आधा पैसा एनएचएआई और आधा पैसा हुडा भुगतान कर रहा है। इन दोनों पुलों को बनाने का जिम्मा भवन व सड़क निर्माण विभाग के पास है।
भवन व सड़क निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता एनके तोमर ने बताया कि पुल का निर्माण छह माह के भीतर किया गया है। खाड़सा गांव को जोड़ने वाले पुल को एक हफ्ते में शुरू किया जाएगा। जबकि सुखराली वाले पुल को बनाने में हाईटेंशन तार हटाना पड़ा था, जिसके चलते निर्माण में पैसा व समय दोनों अधिक लग रहा है।
इसे अगले माह के अंत तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन दोनों पुल के शुरू होने के बाद अब गुड़गांव एक्सप्रेस की सीमा में एफओवी की संख्या छह हो जाएगी।
होंडा चौक के पास के एफओबी पर एक नजर
2.86 करोड़ की लागत से हुआ निर्माण
छह माह पहले हुआ था टेंडर
भवन व सड़क निर्माण विभाग की ओर से हो रहा है तैयार
किसे होगा लाभ
खाड़सा गांव में रहने वाले 20 हजार से अधिक मजदूरों को रोजाना सड़क पार करना होता है।
सेक्टर 33-34, 37, बहरामपुर, हल्दीराम व अन्य स्थानों पर काम करने वाले मजदूरों का होता है आना-जाना।
होंडा चौक दुर्घटना का था प्रमुख प्वाइंट
सेक्टर 10 की ओर से 33-34 की ओर जाने वाले मजदूरों के सुबह शाम पैदल सड़क पार करने के दौरान रोजाना वाहन दुर्घटना होती है। चौक की पहचान खूनी चौक के रूप में की जाती है। एक्सप्रेस वे पर सबसे अधिक वाहन दुर्घटना में लोगों की मौत यहां पर हुई है। वाहन दुर्घटना में यहां अब तक 87 लोगों की मौत हो चुकी है।
125 करोड़ की लागत से बनेगा फ्लाई ओवर
होंडा चौक पर वाहन दुर्घटना और जाम की समस्या को देखते हुए एनएचएआई की ओर से 125 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। जिसके टेंडर के लिए आवेदन मांगे जा चुके हैं। चुनाव आचार संहिता के चलते कार्य प्रभावित हुआ था।
इफ्को चौक एफओबी पर एक नजर
हुडा और एनएचआईए की ओर संयुक्त धन खर्च कर इसका निर्माण हो रहा है।
3.06 करोड़ रुपये का इसका टेंडर हुआ था। दो करोड़ रुपये की लागत वन विभाग से क्लीयरेंस लेने व हाईटेंशन तार हटाने में खर्च बढ़ा है।
नवंबर माह के अंत तक इसका निर्माण पूरा होगा।
किसे होगा लाभ
इफ्को चौक एक्सप्रेस वे पर सबसे अधिक लोग गुजरते हैं।
पैदल चलने वालों में पुराने शहर व सुखराली से लेकर सेक्टर 18 में काम करने वाले लोग है।
सेक्टर-29 की ओर से आने वाले लोगों को चौक पार करने में आसानी होगी।
यहां पर दुपहिया वाहन से गुजरने वालों को अधिक लाभ होगा।