फरीदाबाद के बीके अस्पताल इमरजेंसी में शनिवार दोपहर जहर खाने से गंभीर हुए दो बच्चों को लाया गया। काफी देर तक बच्चों को इलाज न मिलता देख गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस में करने की धमकी दी इसके बाद इलाज शुरू किया गया।
जवाहर कॅलोनी निवासी बलविंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह घर पर उसके ढाई साल के बेटे काके और एक साल के सोनू आपस में खेल रहे थे। खेलते-खेलते बच्चों ने घर पर रखी चूहे मारने की दवा खा ली।
थोड़ी देर में जब बच्चों का शोर बंद हो गया तो उसने अंदर जाकर देखा। जहां दोनों बेहोश हालत में पड़े थे। जिसके बाद वह दोनों को बीके इमरजेंसी में ले आया। बलविंद्र ने आरोप लगाया कि वह अपने बच्चों को दोपहर 12:30 बजे अस्पताल लाया था।
लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली। इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ ने बच्चों के स्ट्रेचर को बाहर धकेल दिया। आरोप है कि इसकी शिकायत जब उसने मौके पर मौजूद डॉक्टर से की तो उसने भी अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। इस पर हंगामे के बाद शिशु रोग विशेषज्ञ को बुलाया गया।
प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्रा ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है। सोमवार को कार्रवाई की जाएगी। बच्चों का इलाज किया जा रहा है। छोटे बच्चे को होश आ गया है।