फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घूमने निकले थे दोस्त, पर वापस नहीं आए

Sun, 31 Aug 2014 06:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार रात हुए सड़क हादसे के शिकार वैन में सवार तीन युवक नोएडा के सेक्टर-12 के निवासी थे। ये खाना खाकर घूमने के लिए निकले थे, पर किसी को क्या पता था कि वे अब कभी वापस नहीं आएंगे। शनिवार को जब क्षेत्र में पंकज शर्मा की अर्थी और फैजल अहमद का जनाजा उठा तो लोगों की आंखें नम हो गईं। वहीं, इसी सेक्टर के एक्स ब्लॉक में रहने वाले भावेश त्यागी का शव परिजन मेरठ ले गए।
विज्ञापन


सैय्यद फैजल अहमद के बड़े भाई और सपा नेता सैय्यद अफ्फाक अहमद ने बताया कि छोटा भाई और उसके दोस्त शुक्रवार शाम करीब पांच बजे तक सेक्टर में ही टहलने गए थे। इनमें पंकज शर्मा (27), भावेश त्यागी (40), फैजल अहमद (28) और कुलदीप भाटी (26) ने अचानक खैरपुर, सिकंदराबाद स्थित कुलदीप के घर चलने की योजना बनाई और निकल गए।

वैगनआर गाड़ी फैजल की बहन के नाम पर है। सिकंदराबाद में इन लोगों ने धर्मेंद्र मसौदा और बुलंदशहर के राहुल गौड़ को साथ में लिया और कुलदीप के घर पहुंचे। यहां खाना खाकर ये घूमने निकले तो ढाई वर्ष के बच्चे ने भी साथ चलने की जिद की तो उसे भी ये साथ ले आए।
विज्ञापन


जब ये परी चौक के पास पहुंचे तो अचानक रास्ता पार करते युवकों को देख तेज रफ्तार गाड़ी संभल नहीं पाई और पेड़ से टकरा गई। हादसे में राहगीर समेत सात लोगों की मौत हो गई। शनिवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद सेक्टर-12 में फैजल और पंकज का शव पहुंचा।

नवंबर में होनी थी पंकज की शादी
सेक्टर-12 के वाई-108 निवासी सत्यवान शर्मा के छोटे बेटे पंकज शर्मा की शादी नवंबर में होनी थी। उसका रिश्ता गाजियाबाद की युवती से तय हुआ था। मूलत: चंदौसी निवासी सत्यवान शर्मा प्राधिकरण के सर्किल प्रथम में सुपरवाइजर हैं। वहीं, पंकज एक निजी कंपनी में कार्यरत था।

मीटर रीडिंग का कार्य करता था फैजल
बिजली विभाग में संविदा पर कार्यरत फैजल अहमद मीटर रीडिंग का कार्य करता था। अफ्फाक अहमद ने बताया कि 11 भाई-बहनों में वह आठवें नंबर का था। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी।

चौड़ा में ही रहता था कुलदीप भी
मूलरूप से खैरपुर, सिकंदराबाद का रहने वाला कुलदीप सेक्टर-22 स्थित चौड़ा में अपनी बड़ी बहन के पास रह रहा था। वह नोएडा में ही एक निजी कंपनी में कार्य करता था। वहीं, भावेश पहले सेक्टर-11 के टी-15 में परिवार के साथ किराये पर रहता था। कुछ समय पहले ही वह सेक्टर-12 के एक्स ब्लॉक में शिफ्ट हुआ था। वह मूलरूप से मेरठ का निवासी था। वह भी एक निजी कंपनी में काम करता था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें