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ग्रेनो बिल्डिंग हादसे में अबतक निकाले गए 8 शव, गैर इरादतन हत्या मामले में 4 गिरफ्तार

Thu, 19 Jul 2018 12:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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- फोटो : अमर उजाला
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ग्रेनो वेस्ट स्थित शाहबेरी गांव में दो बिल्डिंगों के भरभराकर गिरने के मामले में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या व अन्य धाराओं में 24 लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने मामले में निर्माणाधीन बिल्डिंग के भूस्वामी गंगाशंकर दूबे और दो ब्रोकर को गिरफ्तार किया है। 

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हालांकि पुलिस अभी तक मुख्य आरोपी कॉलोनाइजर को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। बुधवार रात तक राहत और बचाव कार्य जारी था और मलबे से अब तक चार शव निकाले गए हैं। अभी 35 से अधिक लोगों के दबे होने की आशंका है।   

मंगलवार रात हुए हादसे के बाद से एनडीआरएफ, पुलिस, फायरबिग्रेड और अन्य संगठनों के लोग राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। मंगलवार रात दो पुरुषों के शव बाहर निकाले गए थे। बुधवार सुबह राहत और बचाव कार्य में तेजी आई। दोपहर दो बजे तक दो और शव मलबे से निकाले गए। अब तक कुल 8 लोगों के शव निकाले गए हैं।
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पुलिस ने इस मामले में घटिया सामग्री लगाकर निर्माण करने आदि के आरोप में  सीएलए एक्ट की धारा सात, गैर इरादतन हत्या व अन्य धाराओं में 24 को नामजद करते हुए कॉलोनाइजर व अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 

पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देकर निर्माणाधीन बिल्डिंग के दस्तावेजी भूस्वामी गंगाशंकर द्विवेदी, ब्रोकर दिनेश और संजय को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि गंगा शंकर द्विवेदी का कहना है कि उसने गाजियाबाद निवासी कॉलोनाइजर पंकज गोयल व मनीष गोयल को अपनी भूमि बेच दी थी। 

एनडीआरएफ डीजी बोले, मलबे में दबे लोगों को जल्द निकाल लिया जाएगा

हादसे की सूचना पर एनडीआरएफ के डीजी संजय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। संजय कुमार ने कहा कि हमारे पास विश्वस्तरीय टीम और उपकरण हैं। 

राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। जल्द मलबे में दबे अन्य लोगों को भी निकाल लिया जाएगा। एडीजी मेरठ मंडल प्रशांत कुमार ने कहा कि एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संजय कुमार ने कहा कि राहत और बचाव कार्य बृहस्पतिवार तक चलने की उम्मीद है।

डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश, 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
डीएम बीएन सिंह ने शाहबेरी हादसे के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने 15 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि 17 जुलाई की रात करीब 9 बजे गौतमबुद्ध नगर के शाहबेरी गांव में दो भवनों के गिरने के दबने से कई लोगों की मृत्यु हो गई है। यह घटना गंभीर है। अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन कुमार विनीत को मजिस्ट्रेटी जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 
 
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अपर जिला मजिस्ट्रेट को निम्न बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट देंगे

यह हादसा  किन कारणों से हुआ। क्या उक्त दोनों भवन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र के तहत आता है यदि हां तक क्या प्राधिकरण से भवन नियमावली के तहत अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेना अनिवार्य है। यदि अनापत्ति प्रमाण-पत्र लिया जाना अनिवार्य था तो क्या प्रमाण-पत्र लिया गया। भवन के प्रयोग में लायी जा रही सामग्री की गुणवत्ता सही थी या नहीं।

कार्यरत मजदूरों का श्रम अधिनियमों के तहत पंजीकरण था अथवा नहीं। बिल्डिंग की गुणवत्ता आदि के संबंध में कौन उत्तरदायी है। जिसके कारण लोगों की दुघर्टना हुई है। क्या यह आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आता है। इसमें कौन लोग जिम्मेदार हैं। क्या प्राधिकरण के भवन निर्माण द्वारा इस श्रेणी में अवैध निर्माण को रोकने के लिए कोई सार्थक प्रयास किया गया है या नहीं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव मांगे गए है। 

इनके खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट
एसएसआई राजेंद्र कुमार ने पंकज गोयल, मनीष गोयल निवासी नेहरू नगर गाजियाबाद, एलिन गुप्ता पुत्री पंकज गुप्ता निवासी दिल्ली, गंगाशंकर द्विवेदी निवासी संजय नगर गाजियाबाद, शेष गौतमबुद्ध नगर निवासी कांट्रेक्टर सरदार, आर्किटेक्ट सत्यप्रकाश, डॉ. सलीम, सलमुद्दीन, कांट्रेक्टर कासिम व सहयोगी बिल्डर साथी, नितिन त्यागी, कैलाश त्यागी, प्रशांत शर्मा, बिल्डर मान, चेतन त्यागी, सोनू पाठक, हाजी तुरकान, हरेंद्र नागर, मोमीन, नजमू, मुतंजर हुसैन, अनीस खान, अतुल त्यागी आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
 
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