सेक्टर-93ए स्थित ट्विन टावर के आसपास की इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट का काम सुपरटेक ने पूरा कर लिया है। बिल्डर ने 60 पेज की रिपोर्ट मंगलवार शाम को प्राधिकरण को सौंप दी। ऑडिट में इमारतों के कई पिलर की पहचान की गई है, जिनकी मरम्मत की जाएगी। इसके लिए एजेंसी को काम सौंप दिया गया है।
प्राधिकरण के निर्देश के मुताबिक सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) को सुपरटेक की ओर से 70 लाख रुपये देकर इमारतों का निरीक्षण कराया जाना था, लेकिन सुपरटेक ने पैसे देने से इनकार करते हुए सेवा नहीं ली। सुपरटेक ने स्वयं संरचनात्मक ऑडिट कराकर रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंप दी। सुपरटेक ने एक एजेंसी का भी चयन कर लिया जो ऑडिट में बताई गई कमियों का समाधान करेगी।
इसके बाद अंतिम ब्लास्ट के दौरान इमारतों को कोई खतरा नहीं होगा। बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि जिस एजेंसी ने आरडब्ल्यूए के लिए संरचनात्मक ऑडिट किया था। उसी डी एंड आर कंसलटेंट से ऑडिट कराया गया।
सुप्रीम कोर्ट में 27 को जमा होगी स्टेटस रिपोर्ट
सुपरटेक ने प्राधिकरण को अंतिम ब्लास्ट के लिए तैयार की गई स्टेटस रिपोर्ट भी सौंप दी है। अब प्राधिकरण इस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में 27 जुलाई को जमा करेगा। इसके माध्यम से प्राधिकरण कोर्ट को बताएगा कि अंतिम ब्लास्ट को लेकर अब तक की क्या तैयारियां हैं। 98 प्रतिशत तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। दो अगस्त से विस्फोटक लगाने का काम शुरू हो जाएगा, जो आखिरी दिन तक चलेगा।
पुलिस और फायर विभाग के साथ बैठक आज
अंतिम ब्लास्ट के लिए पुलिस की ओर से एनओसी अब भी अटकी हुई है। फायर विभाग से भी बातचीत होनी है। इस संबंध में बुधवार को सुपरटेक, एडिफिस इंजीनियरिंग, पुलिस और फायर विभाग के साथ बैठक होगी। इसमें अंतिम ब्लास्ट से पहले पुलिस की तैयारियाें पर चर्चा होगी।