एडीसीपी अशोक कुमार ने पत्रकारवार्ता में बताया कि शक होने पर विक्रमाजीत के बेटे जैसमीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल लिया। आरोपी ने बताया कि वह पिता और परिवार के साथ नोएडा में रहता था, लेकिन पिता मां को प्रताड़ित व परेशान करते थे। इस वजह से मां वर्ष 2015 में बच्चों को लेकर गांव आ गई, जबकि पिता नोएडा में ही रहता था। विक्रमाजीत कहानी व गीत लिखते थे और उनके कई महिलाओं से संबंध थे।
डेढ़-दो महीने से वह अपनी कहानियों पर शार्ट फिल्म बनाने के लिए गांव की जमीन पर फिल्म स्टूडियो का निर्माण करा रहा था। इसके लिए उन्होंने अलीगढ़ के टप्पल में चार बीघा जमीन 40 लाख रुपये में बेच दी थी। रक्षाबंधन वाले दिन परिवार के बंटवारे को लेकर पंचायत हुई। इसमें विक्रमाजीत ने यह कहते हुए हिस्सा देने से इन्कार कर दिया कि कोर्ट से तलाक हो गया है और वह 15 हजार रुपये भरणपोषण के रूप में दे रहा है। आरोपी ने बताया कि इसके अलावा पिता बड़ी बेटी की शादी भी नहीं कर रहा था। इन सभी बातों को लेकर पंचायत में विवाद भी हुआ था। यहां पिता ने जैसमीन पिता ने मां के लिए अपशब्द कहे और दुत्कार कर भगा दिया। उसी दिन आरोपी ने पिता की हत्या करने की साजिश रची।
जान निकलने तक किए वार, पछतावा भी नहीं
आरोपी को पिता के प्रति इतनी नफरत हो गई थी कि उसे अपने किए पर जरा भी पछतावा नहीं है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह निर्माणाधीन स्टूडियो की दीवार फांदकर भीतर दाखिल हुआ। पिता पर वार करते ही रामकुमार ने करवट ली। इस पर जैसमीन को लगा कि वह जाग गए हैं। पकड़े जाने के डर से उसने रामकुमार की गर्दन पर फावड़े से वार किए। आरोपी ने पिता की गर्दन पर दो बार फावड़े से और फिर पास में रखी हथौड़ी (बसूली) से सिर के आसपास पांच वार किए। आरोपी मौके पर तब तक मौजूद रहा और हमला किया जब उसे यकीन नहीं हो गया कि पिता की मौत हो गई है।
रातभर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से हुआ शक
दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर आरोपी घर आ गया। आरोपी ने खून से सने कपड़े धोए और लेट गया। आरोपी रात भर जागता रहा और इंटरनेट इस्तेमाल कर वीडियो देखता रहा। पुलिस ने जब सीडीआर और इंटरनेट यूजेस चेक किया तो पता चला कि जैसमीन रोजाना दस बजे से पहले सो जाता था। पूछताछ में भी उसने समय से सोने की जानकारी पुलिस को दी। वारदात के बाद भी जैसमीन व परिजनों में सनसनीखेज वारदात के बावजूद गुस्सा नहीं दिखा।
ऐश कर रहा था पिता, घरों में काम कर गुजारा करती थी मां
जैसमीन ने बताया कि पिता संपत्ति बेचकर ऐश कर रहा था, उन्हें पत्नी और बेटों की चिंता नहीं थी। जैसमीन की मां घरों में काम कर गुजारा करती थी। वहीं, जैसमीन ब्रोकर का काम कर घर चलाने में मां की मदद करता था। जैसमीन का छोटा पढ़ाई कर रहा है।
यूट्यूबर के एक हजार सब्सक्राइबर भी नहीं
पुलिस ने बताया कि जैसमीन के पिता जिस यूट्यूबर के कहने में आकर स्टूडियो बना रहे थे। उसके यूट्यूब पर एक हजार भी सब्सक्राइबर नहीं है। उसने कुछ आपत्तिजनक वीडियो भी बनाई है। विक्रमाजीत कहानी व गीत लिखते थे और यूट्यूबर उसकी प्रशंसा करता था। इस वजह से विक्रमाजीत शार्ट फिल्म बनाने के लिए स्टूडियो बना रहा था। यूट्यूबर अक्सर अपने खर्च के रुपये विक्रमाजीत से लेता था।