इन दिनों यूट्यूब, फेसबुक और वाट्सअप पर तीन मिनट का एक वीडियो वायरल हो रहा है। गाजियाबाद के सैकड़ों और देशभर के हजारों लोग इसे देख चुके हैं। वीडियो में एक बच्ची 1980 के दशक के स्टाइल में समाचार पढ़ती है।
‘आप देख रहे हैं दुखदर्शन समाचार। मैं मारिया सुल्तान। अब देखते हैं दिल्ली के गुमशुदा व्यक्तियों के समाचार। तस्वीर में दिखाया गया व्यक्ति है- ए. ट्रेजडीवाल। रंग-लगातार बदलता रहता है। स्वभाव-पलटीबाज। कभी भी अपनी बातों से पलट सकता है। बात-बात पर वह कहीं भी कभी भी धरने पर बैठ जाता है। उसका कार्यकाल है 49 दिन, पांच घंटे 14 मिनट और 12 सेकेंड।’
‘गुमशुदा व्यक्ति थोड़ा तुनकमिजाज और जिद्दी है। गले में कफ और हाथ में झाड़ू रखता है। कहता है वह आम आदमी है। ए. ट्रेजडीवाल के प्रसिद्ध आइटम नंबर हैं, धरना जरूरी है, मेट्रो जाम, मेरी पुलिस मुझको ही म्याऊं और डैंडर्स मिक्स तो देल्ही फिक्स आदि।
उनका नया शोक है, नमो का विरोध करना। गुमशुदा हुए इस शख्स को आखिरी बार गुजरात के कुछ इलाकों में देखा गया है। कई जगह वह जिंदा व्यक्तियों को भी श्रद्धांजलि देते पाया गया है। अगर वह व्यक्ति किसी को मिले तो वह उन्हें यह संदेश जरूर दे दें।
भइया ट्रेजडीवाल! तुम जहां कहीं भी हो वापस आ जाओ, तुम्हारे किए वादों केलिए तुम्हें कोई नहीं डांटेगा। अगर तुम नहीं आए तो हम दिल्ली के आम मतदाता भारत के अन्य मतदाताओं को क्या मुंह दिखाएंगे।
मालूम पड़ने पर आप गुमशुदा तलाश केंद्र में जानकारी दे सकते हैं। समाचार समाप्त हुए। नमस्कार।’ यू-ट्यूब पर यह वीडियो ‘आफिशियल दुख दर्शन न्यूज ट्रेडजीवाल एक्सपोज’ पर है।