दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) का सफर अब उतना सुहाना नहीं रहा। धीरे-धीरे इसके परिचालन व्यवस्था में कई प्रकार की खामियां नजर आने लगी हैं। इन्हें दूर करने की दिशा में भी डीएमआरसी गंभीरता नहीं दिखा रही।
बृहस्पतिवार को तो लापरवाही की इंतहा हो गई। खुले गेट दौड़ने वाली मेट्रो ट्रेन ने तो हजारों यात्रियों की जिंदगी को ही खतरे में डाल दिया था।
भले ही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मगर इससे डीएमआरसी मेट्रो की तकनीकी मजबूती और दावे की पोल खुल गई। इस घटना ने यात्रियों की चिंता को और बढ़ा दिया है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली मेट्रो में भारी चूक, यात्री सहमे
उनका कहना है कि वह मेट्रो से सफर इसलिए करते हैं कि यह गतिशील, सुरक्षित और आरामदेय है। मगर जिस प्रकार से बार-बार सुरक्षा खामी उभर कर आती है उससे डर लगने लगा है। जहांगीरपुरी-हुडा सिटी सेंटर लाइन पर रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं।
मेट्रो के दैनिक यात्री अभिषेक खन्ना, सुशील कुमार और आशुतोष श्रीवास्तव का कहना है कि अब डीएमआरसी का सफर सुहाना नहीं रहा।
पिछले एक वर्षों से मेट्रो की सुविधा में जिस प्रकार की खामियां आ रही हैं वह चिंताजनक हैं। कुछ दिनों पहले मेट्रो ट्रेन में चिंगारी उठने की शिकायत मिली थी।
इससे ट्रेन में बैठे यात्रियों को आग लगने की आशंका के बीच काफी परेशानी उठानी पड़ी। चलते-चलते ट्रेन के बीच में ही खड़े हो जाने की भी घटना सामने आ चुकी है।
एसी देने लगे हैं जवाब
गर्मी के मौसम में मेट्रो का सफर यात्रियों के लिए अब सुविधाजनक नहीं रहा। ट्रेन के वातानुकूलित सिस्टम के फेल होने से यात्रियों को उमस और गर्मी से भरपूर माहौल यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
यात्रियों को उठानी पड़ रही हैं ये समस्याएं
-गुड़गांव आने वाली मेट्रो ट्रेन कुतुबमीनार में हो रही है टर्मीनेट
-यात्रियों को बदलती पड़ती है ट्रेन
-आठ कोच की ट्रेन काफी कम चलाई जाती हैं गुड़गांव तक
-ट्रेन के अंदर गलत अनाउंसमेंट से यात्रियों को परेशानी
-हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर सिक्योरिटी का अभाव
-टोकन काउंटरों की कमी के कारण लंबी कतार
-टोकन सेल्समैन का व्यवहार यात्रियों के साथ अच्छा नहीं
-फुटकर पैसे के नाम पर टोकन लेने वालों को किया जाता है परेशान