पिछले दिनों के दौरान इन कॉरिडोर पर पेड़ों की कटाई और कोविड-19 के दौरान श्रमिकों की कमी से निर्माण कार्य प्रभावित होने के कारण काम तयशुदा वक्त से पीछे चल रहा है। डीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मौजपुर-मजलिस पार्क पर निर्माण की राह में अगर रुकावट नहीं आती है तो वर्ष 2024 तक रिंग कॉरिडोर पर ट्रेनें चलने लगेंगी।
पिंक लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो का परिचालन किया जा रहा है। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास ने बताया कि ड्राइवरलेस मेट्रो के परिचालन से सेवाएं पहले से और बेहतर हुई हैं। फेज-4 के सभी कॉरिडोर पर भी ड्राइवरलेस मेट्रो का ही परिचालन होगा।
साल के अंत तक 100 फीसदी क्षमता से चलेगी
मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक, दुनिया की तमाम मेट्रो सेवाएं अपनी पूरी क्षमता से करीब 20 फीसदी कम पर चल रही हैं। दिल्ली मेट्रो में भी यात्रियों की संख्या बढ़ने के बाद क्षमता की तुलना में 76 फीसदी यात्राएं हो रही हैं। कोविड-19 के दौरान दिल्ली मेट्रो की सेवाएं भी करीब साढ़े पांच महीने तक बंद रहीं। सेवाओं की शुरुआत के बाद भी काफी दिन तक बंदिशों के साथ मेट्रो चली। धीरे-धीरे संख्या में बढ़ोतरी हो रही है और दिसंबर तक सौ फीसदी क्षमता के साथ दोबारा मेट्रो के पटरी पर लौटने की उम्मीद है।