ट्रैफिक की कमर तोड़ने वाले ऑटोवालों की चेकिंग के लिए रविवार को अभियान चलाया गया। ये जानकर हैरत हुई कि ज्यादातर ऑटो पुलिस वालों के ही थे।
इतना ही नहीं रोके जाने पर चालक धौंस भी जमाते रहे और एक वाहन पर कार्रवाई रोकने के लिए तो नेताजी का फोन भी आ गया। इन चालकों ने तेवर ऐसे दिखाए जैसे इन्हें गाड़ी चलाने का नहीं, बल्कि नियम तोड़ने का लाइसेंस मिला हो।
शहर की सड़कों के लिए नासूर बने बेलगाम ऑटो-टेंपो के खिलाफ सिटी सेंटर पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान की कमान एसपी ट्रैफिक सुनीता सिंह और ट्रैफिक इंस्पेक्टर धर्मेंद्र यादव ने खुद संभाली।
चेकिंग के दौरान कासना, दादरी, जेवर और ग्रेटर नोएडा के परमिट पर ऑटो नोएडा में दौड़ते पाए गए। इन्हें मौके पर ही सीज कर थाने पहुंचा दिया गया। ऐसे भी कई ऑटो पकड़े गए जिनकी नंबर प्लेट पर पुलिस महकमे का निशान अंकित था।
कई ऑटो बिना नंबर प्लेट के चल रहे थे तो कुछ ऑटो की स्टेयरिंग नाबालिगों के हाथों में थी। पकड़े जाने पर ऑटो चालक जिनका रौब झाड़ रहे थे, वो पुलिसवाले ही थे। अभियान के दौरान 228 चालान काटे गए जबकि 16 ऑटो सीज किए गए।
नहीं सुना नेताजी का फोन
चेकिंग के दौरान एक वाहन को रोका गया जिसके ऊपर सायरन लगा था। भाजपा के नेता की गाड़ी बताते हुए चालक ने दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने एक न सुनी और होमगार्ड को छत पर चढ़कर सायरन उतारने के निर्देश दिए। इस दौरान नेता जी का फोन भी आया, लेकिन अधिकारियों ने एक न सुनी।
दरोगा जी की दिखाई धौंस
सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के नीचे ओवरलोड ऑटो रोका गया। ऑटो के अगले हिस्से पर पुलिस का निशान अंकित था। चालक ने दरोगा जी का ऑटो बताकर ट्रैफिक पुलिस पर धौंस जमाई, लेकिन ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने ऑटो सीज कर सीधे थाने पहुंचा दिया।
अवैध स्टैंड हटाया
अट्टा अंडरपास के ऊपर जाम की वजह बने अवैध ऑटो आखिरकार पुलिस के निशाने पर आ ही गए। सुबह सिटी सेंटर पर चेकिंग अभियान चला तो शाम को अंडरपास के ऊपर खड़े ऑटो खदेडे़ गए। चेकिंग के दौरान यहां भी कई ऑटो सीज कर दिए गए।