जमाना जिसे दिमागी तौर पर कमजोर मानता है वही इंसान जाम में फंसे लोगों केलिए किसी फरिश्ता से कम नहीं।
यह शख्स पिछले एक दशक से यहां के एक महत्वपूर्ण चौराहे पर बिना किसी लालच ट्रैफिक संभाल रहा है। इसकी मुस्तैदी के चलते इस अतिव्यस्त चौराहे पर जाम कभी बड़ी समस्या नहीं बनी।
यहां बात की जा रही है 55 वर्षीय सोहराब खान की। वह शहर के गुड़गांव-अलवर मार्ग स्थित अंबेडकर चौक पर पिछले दस वर्षों से ट्रैफिक संभाल रहा है।
फटेहाल में वह दिनभर गाड़ियों को इधर से उधर जाने का इशारा करता रहता है। वह पड़ोसी प्रदेश राजस्थान के भरतपुर जिले के गांव पहाड़ी का रहना वाला है तथा मांग कर गुजारा करता है।
चौक के आसपास रहने वाले बताते हैं कि सड़क पर मुस्तैदी के कारण कई वाहनों के दबाव के कारण इसकी जान पर बन आती है। इसके बावजूद उसने चौक पर यातायात नियंत्रण का काम नहीं छोड़ा।