चीन के खिलौनों को मात देने के लिए यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में टॉय सिटी बसाई जाएगी। टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कार्य योजना से अवगत कराने के बाद प्राधिकरण ने सेक्टर-32 और 33 में जमीन देने की सहमति दी है। 50 एकड़ में बसाई जाने वाली टॉय सिटी में लगभग 80 यूनिट लगेंगी। इसमें करीब 600 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
भारत ने चीन से आयात होने वाले खिलौने पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। यह 20 से 60 प्रतिशत हो गई है। अब चीन से आने वाले खिलौने महंगे हो जाएंगे। इस परिस्थिति से निपटने और चीन के खिलौनों को मात देने के लिए टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया आगे आई है।
एसोसिएशन ने यमुना प्राधिकरण के अफसरों से मुलाकात कर टॉय सिटी बसाने की मांग की। इसके लिए उन्होंने 50 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इससे पहले एसोसिएशन के प्रतिनिधि प्राधिकरण के चेयरमैन आलोक टंडन से मुलाकात कर चुके हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों ने टॉय सिटी के लिए जमीन देने की मंजूरी दे दी है। बताया गया है कि टॉय सिटी में मिट्टी, रबड़, कपड़े सहित सभी तरह के छोटे-बड़े खिलौने बनाए जाएंगे।
कॉमन फैसिलिटी सेंटर करेगा उद्यमियों की राह आसान
टॉय एसोसिएशन के संयोजक एनके गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी कार्ययोजना से प्राधिकरण को अवगत करा दिया है। इस योजना में वह एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनाएंगे। इसमें सभी के लिए लैब बनाई जाएगी। इससे उद्यमी पर बोझ नहीं बढ़ेगा, उन्हें हर यूूनिट में अलग लैब नहीं बनानी होगी। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि सेक्टर-32 और 33 में टॉय सिटी के लिए जमीन दे सकते हैं। यह एक कलस्टर होगा। हालांकि इसमें भी भूखंड ड्रा के जरिये दिया जाएगा।