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दिल्ली में AAP-भाजपा के बीच कांटे की टक्कर

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दिल्ली में पिछले पांच महीने से छाए राजनीतिक संकट के बीच एक बार फिर सरकार बनाने के लिए शुरू हुई जोड़तोड़ में एक नया मोड़ आता दिख रहा है। दिल्ली में भाजपा की ओर से सरकार बनाने की पहल और आम आदमी पार्टी के आरोपों से जुड़ी खबरों के बीच अब दिल्ली की जनता ने भी अपनी राय रख दी है।
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दिल्ली में भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों ही सरकार बनाने की जुगत में हैं और दोनों ही एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं।

दोनों ही प्रमुख पार्टियों के बीच सत्ता के लिए छिड़ी जंग को एबीपी न्यूज-नीलसन सर्वे के आधार पर परखा गया, जिसमें काफी चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। सर्वे में दिल्ली की जनता की राय पार्टियों के आंकड़ों से जुदा है।
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अबकी बार किसकी सरकार?

दरअसल, लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल होने के बाद से ही यह माना जा रहा था कि अब भाजपा दिल्ली की सत्ता पाने के लिए भी प्रयास शुरू करेंगी। इस बीच आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का भी आरोप लगाया है।

इस मामले में एबीपी-नीलसन के सर्वे से जो आंकड़े सामने आए हैं उससे देश की राजधानी भी दो गुटों में तब्दील होती नजर आ रही है।

सर्वे में पूछे गए सवाल के जवाब में दिल्ली 47 फीसदी जनता ने आम आदमी पार्टी के पक्ष में अपना वोट दिया जबकि इससे महज एक फीसदी ज्यादा यानी 48 फीसदी जनता ने भाजपा की सरकार के पक्ष में हामी भरी है।
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चुनाव हुए तो किसे देंगे वोट?

सर्वे में लोगों से यह सवाल पूछा गया था कि अगर आज विधानसभा चुनाव हुए तो वे किस पार्टी को वोट देंगे? इस बारे में दिल्ली की जनता ने बेबाकी से अपनी राय दी। सर्वे के मुताबिक आम आदमी पार्टी का क्रेज अभी खत्म नहीं हुआ है लेकिन ज्यादातर लोग राजधानी में भी भाजपा की सरकार चाहते हैं।

सर्वे में यह बता भी सामने आई है कि अगर आज चुनाव होते हैं तो वे किसे वोट करेंगे? इसमें 45 फीसदी लोगों ने आप, 48 फीसदी लोगों ने भाजपा और महज 7 फीसदी लोगों ने कांग्रेस का साथ देने का फैसला किया है।

इसका मतलब साफ है कि अगर चुनाव हुए तो दिल्ली में भाजपा को करारा झटका लग सकता है। सर्वे में मामूली वोटों का फर्क है जोकि चुनाव होने पर पलट भी सकता है। बता दें कि एबीपी-नीलसन ने यह सर्वे गुरुवार को दिल्ली के कुल 565 वोटरों के बीच किया था।
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