फर्जी डिग्री मामले में कानून व पर्यटन मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखित जवाब दे दिया है। करीब चार पन्नों के जवाब में कानून मंत्री ने सभी आरोपों को फर्जी करार दिया है।
साथ ही पुष्टि के लिए कानून मंत्री ने सभी दस्तावेज भी मुख्यमंत्री को सौंप दिए हैं। वहीं, मीडिया से बात करते हुए तोमर ने कहा कि इस्तीफा तो बहुत छोटी बात है, वह पार्टी के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।
काूनन मंत्री बृहस्पतिवार शाम सिग्नेचर ब्रिज के एक लूप का उद्घाटन कर रहे थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को कानून मंत्री ने मुख्यमंत्री के सामने अपना पक्ष रखा।
मामला उठाने वाले को ही बता दिया फर्जी
उन्होंने चार पेज की चिट्ठी सौंपी है। इसमें इसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का सिलसिलेवार ढंग से जवाब दिया है। भाजपा नेताओं के सभी आरोपों को साजिश करार दिया है और कागजात सही होने की बात कही है।
दलीलों को सही साबित करने के लिए उन्होंने जरूरी दस्तावेज भी मुख्यमंत्री को सौंपे। कानून मंत्री ने भाजपा नेता नंद किशोर गर्ग की आरटीआई के जवाब पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि आरटीआई के जवाब में संस्थान का नाम गलत लिखा है। इससे उसके फर्जी होने की आशंका पैदा होती है।
इस्तीफा देने के सवाल पर कहा कि इस्तीफा तो बहुत छोटी सी चीज है। पार्टी अगर जान भी मांगे तो वह देने को तैयार हैं। पूरे मामले में भाजपा जानबूझ कर बदनाम करने की कोशिश कर रही है। मामला न्यायालय में लंबित है। लिहाजा अदालत में अपना पक्ष रखेंगे।
सिग्नेचर ब्रिज के एक लूप का किया उद्घाटन
जितेंद्र सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को सिग्नेचर ब्रिज के एक लूप का उद्घाटन किया। लूप सीधे सिग्नेचर ब्रिज से निकलकर बाहरी रिंग रोड पर तिब्बती कॉलोनी की ओर निकलेगा।
इसका फायदा भजनपुरा से बाहरी रिंग रोड पर आने वाले वाहनों को मिलेगा। इससे लोगों को करीब दो किमी लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। करीब 850 मीटर लंबे लूप से वह आसानी से आगे निकल सकेंगे।
इससे पहले वजीराबाद पुल से आने वाले वाहनों को आईएसबीटी जाने के लिए वाया तिमारपुर जाना पड़ता था। यह रूट लंबा होने के साथ तंग भी था। इससे वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता था।