दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क की वसूली शुरू नहीं हो पाई। शनिवार सुबह 8 बजे से टोल लगना शुरू होना था, लेकिन एनएचएआई की ओर से टोल वसूलने वाली कंपनी को लिखित पत्र न मिलने की वजह से इसकी शुरूआत नहीं हो पाई। ऐसे में इस एक्सप्रेसवे पर वाहन से आवागमन करने वाले लोग अभी कुछ दिन और फ्री आवागमन कर सकेंगे। अब अगले सप्ताह से टोल वसूली शुरू होने की उम्मीद है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के लिए एनएचएआई ने एक सप्ताह पहले ही नोटिफिकेशन जारी किया था। टोल की दरें भी सार्वजनिक कर दी गई थीं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 23 दिसंबर को इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था। 25 दिसंबर शनिवार से इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली शुरू की जानी थी। इसके लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई थीं।
दिल्ली, गाजियाबाद से मेरठ जाने वाले वाहन चालक इस एक्सप्रेसवे से होकर मेरठ पहुंचे, लेकिन उनसे टोल की वसूली नहीं हुई। टोल कंपनी से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि टोल वसूली शुरू करने से पहले उन्हें एनएचएआई की ओर से लिखित आदेश लेने जरूरी होते हैं, अभी तक उन्हें यह नहीं मिले। इसकी वजह से टोल वसूली शुरू नहीं की गई। अब एनएचएआई के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
किसानों का विरोध हो सकती है वजह
एनएचएआई के अधिकारी टोल वसूली शुरू न करने के अन्य कारण बता रहे हैं, लेकिन भोजपुर में टोल प्लाजा के पास किसानों की ओर से शुरू किए गए धरने को भी इसकी वजह माना जा रहा है। भोजपुर के किसानों ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में ली गई जमीन का एक समान मुआवजा पाने के लिए शनिवार से धरना शुरू कर दिया है। शनिवार को किसान दिनभर टोल बूथ के पास धरने पर बैठे रहे।