जी- 20 शिखर सम्मेलन के दौरान बंदरों के आतंक को रोकने के लिए लंगूर के कटआउट लगाए गए हैं। हर कटआउट के साथ दो गार्ड भी तैनात होंगे। इनमें से एक लंगूर की तरह आवाज निकालने में माहिर होगा, जबकि दूसरा कटआउट की रखवाली करेगा। शुरुआत में सरदार पटेल रोड स्थित दिल्ली भू विज्ञान केंद्र के पास सोमवार दो कटआउट लगाए गए हैं। इनके साथ गार्ड की भी तैनाती हो गई है।
अधिकारियों की मानें तो जी 20 सम्मेलन में सरदार पटेल रोड सबसे अहम है। इस रोड पर स्थित होटल में विदेशी मेहमान रुकेंगे। इनमें अमेरिका के राष्ट्रपति सहित अन्य महत्वपूर्ण लोग भी शामिल हो सकते हैं। इस सड़क पर अक्सर बंदरों का आतंक रहता है। 11 मूर्ति से ताज होटल तक बंदर रिज क्षेत्र से निकलकर बाहर सड़क पर आ जाते हैं। सबसे ज्यादा समस्या मालचा मार्ग से बापू धाम तक है। ऐसे में जी 20 आयोजन के दौरान इन बंदरों को सड़कों तक आने से रोकने के लिए लंगूर का कटआउट का विकल्प लगाया जा रहा है।
बंदरों को रोकने की कवायद
दरअसल, नई दिल्ली क्षेत्र में सेना भवन, शास्त्री भवन, ताज पैलेस होटल सहित अन्य जगहों पर बंदरों का आतंक है। ये बंदर किसी पर भी हमला कर देते हैं। इन बंदरों के हमले में कई बार लोग तक घायल हो जाते हैं। जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान इन्हें रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल एनडीएमसी उन जगहों की पहचान कर रही है, जहां बंदरों का आतंक है। ऐसे जगहों पर यदि कटआउट से बात नहीं बनती तो पड़ोसी राज्यों से लंगूर लाने की भी व्यवस्था की जाएगी। बंदरों की समस्या को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, एनडीएमसी, एमसीडी सहित अन्य के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है। बैठक के दौरान इस समस्या को दूर करने का निर्देश दिया है।
एनडीएमसी लंगूर की आवाज निकालने वाले 30 लोगों की करेगा तैनाती
बंदरों के आतंक को दूर करने के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद 30 ऐसे लोगों की तैनाती करेगा, जो लंगूर की आवाज निकालने में माहिर हैं। एनडीएमसी उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बताया कि इनको जी20 के दौरान जरूरत के हिसाब से तैनाती होगी। हमारी कोशिश है कि आयोजन के दौरान बंदरों के आतंक को पूरी तरह से दूर किया जाए। परिषद मांग और जरूरत के आधार पर इन लोगों को उन जगहों पर तैनात करेगा जहां बंदर काफी संख्या में रहते हैं।
बंदरों के लिए की गई व्यवस्था
बंदरों के लिए रिज में ही खाने की व्यवस्था की जा रही है। इससे वह रिज के बाहर न आएं। सुबह व शाम के समय बंदर घूमते हैं। इस समय पर विभाग विशेष ध्यान रखेगा। इस लेकर सभी उप वन संरक्षक को सूचित किया गया है।
-सीडी सिंह, मुख्य वन संरक्षक व विभाग अध्यक्ष, वन विभाग