गैंगवार में शामिल दो गैंग के सदस्यों को एक साथ जेल वैन में तिहाड़ जेल ले जाने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। कयास लगाया जा रहा है कि घटना में जेलकर्मी भी शामिल हो सकते हैं।
हालांकि तिहाड़ जेल प्रशासन ने का कहना है कि दोनों गैंग के सदस्यों को एक वैन में ले जाने की गलती दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन की है। जेल के भीतर जब दोनों गैंग के सदस्य आपस में लड़ाई नहीं करते हैं तो तिहाड़ कर्मियों को उनके बीच रंजिश के बारे में जानकारी कैसे होगी।
यह दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी है कि जब उन्हें जेल में लाएं तो इस बात की जानकारी दें। पुलिस की तीसरी बटालियन के पुलिस उपायुक्त एसके तिवारी ने बताया कि जेल से कैदियों को भेजे जाने के दौरान तिहाड़ कर्मियों को इसका संज्ञान लेना चाहिए।