तीन युवकों ने तीन बहनों के अश्लील ऑडियो गाना बनाकर वायरल कर दिया। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होते ही एक शादीशुदा युवती की शादी टूट गई।
मामला हरियाणा के फरीदाबाद जिले का है। तावडू उपमंडल के एक गांव में तीन पीड़ित युवतियों के नाम पर मेवाती अश्लील ऑडियो गाने बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला सामने आया है।
तीनों पीड़िता सगी बहनें हैं। ऑडियो वायरल होने के बाद इनमें शादीशुदा एक पीड़िता का रिश्ता टूट गया है। पुलिस ने 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
पीड़ित पिता ने बताया कि वह जिला फरीदाबाद के एक गांव का निवासी है। कुछ वर्षों से वह तावडू उपमंडल के एक गांव में अपने रिश्तेदार के पास परिवार सहित रहता है।
पीड़ित के अनुसार उसे उसके एक मित्र द्वारा पता चला की आरोपी शाहरुख, जुनैद व ईशा द्वारा उसकी दो नाबालिग व एक शादीशुदा बेटियों के नाम पर अश्लील मेवाती गानों की ऑडियो रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है।
जांच करने पर जब ऑडियो क्लिप सुना गया, तो उसमें तीनों पीड़िताओं के नाम पर अश्लील गानों का जिक्र किया गया है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी नासिर जो ऑडियो-विडियो रिकार्डिंग का काम करता है।
सभी आरोपियों ने मिलकर मेवाती गायक शाहिन और चंचल की आवाज में अश्लील गानों की ऑडियो बनाने के बाद उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया है। आरोपियों ने ऐसा कर समाज में बदनाम करने का षडयंत्र रचा है।
पीड़ित का कहना है कि आरोपियों की हरकतों के चलते एक पीड़ित बेटी का रिश्ता खराब हो गया है। बदनामी के चलते दो नाबालिग पीड़िताओं का रिश्ता करना भी मुश्किल भरा होगा। आरोप है की मामले को लोगों द्वारा पंचायत में मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया।
आरोपियों ने पंचायत में अपना गुनाह कबूल नहीं किया, बल्कि आरोपी शाहरुख ने पंचायत में दबंगई दिखाते हुए देसी तमंचा दिखाकर किसी तरह की कोई कार्रवाई करने पर सरेआम पीड़ित को जान से मारने की धमकी देते हुए पंचायत से भाग गया।
पंचायत के फैसले को मानने से मना कर दिया। इससे पीड़ित का परिवार डरा व सहमा है। पुलिस से पीड़ित परिवार ने सुरक्षा की भी मांग की है।
घटना के ढाई महीने बाद दर्ज हुआ मुकदमा
घटना 10 मई की है। पंचायत स्तर पर मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया। आरोपियों ने पंचायत में अपनी गलती की माफी मांगने के बजाए। पंचायत में सरेआम तमंचा दिखाकर बिरादरी से भाग गए।
गत 14 मई को पीड़ित पिता पुलिस अधीक्षक नूंह से सीधे तौर पर मिला और घटना की शिकायत दी। पुलिस अधीक्षक ने मामले में उसी वक्त आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। लेकिन जांच के नाम पर पीड़ित के बार-बार फरियाद करने पर पुलिस ने गत 25 जुलाई को मामला दर्ज किया है।