तिहाड़ के पांच नंबर जेल में तीन कैदियों ने फिनाइल पीकर खुदकुशी का प्रयास किया। तीनों कैदियों को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। जेल प्रशासन का कहना है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि तीनों कैदी जेलकर्मियों पर दवाब बनाने के लिए घटना को अंजाम दिया है। अधिकारियों के मुताबिक तीनों कैदी लगातार जेल के नियमों की अनदेखी कर रहे थे, जिसको लेकर जेल प्रशासन काफी सख्त था।
जेल अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा को लेकर जेल में शुद्ध फिनाइल का इस्तेमाल नहीं होता है। उसमें इतना पानी मिलाया जाता है कि जिसको पीने के बाद उसका प्रभाव काफी कम होता है। एतियातन कैदियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और अब उनकी हालत खतरे से बाहर है। जेल के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घटना मंगलवार को जेल नंबर पांच में हुई है। इस जेल में 18 से 21 साल के कैदियों को रखा जाता है।
जेल कर्मियों को सूचना मिली कि बैरकों की सफाई करने के समय तीन कैदियों ने फिनाइल पी लिया है। जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद तीनों कैदियों को डीडीयू अस्पताल में भर्ती किया गया। जेल में इस्तेमाल होने वाले फिनाइल में पानी मिला होता है। जिसके पीने से कोई नुकसान नहीं होता है। जांच के बाद जेल प्रशासन का कहना है कि फिनाइल पीने वाले तीनों कैदी उपद्रवी हैं और जेल में अकसर उपद्रव करते रहते हैं। वह जेल नियमों का पालन नहीं करना चाहते हैं। जिसकी वजह से जेल कर्मी उन पर नियम को पालन कराने का दवाब बनाते हैं। माना जा रहा है कि जेल प्रशासन पर दवाब बनाने के लिए तीनों कैदियों ने फिनाइल पीकर खुदकुशी की कोशिश की है।
कैदियों की काउंसलिंग कराई जाएगी
जेल अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल से जेल आने के बाद कैदियों की काउंसलिंग करवाई जाएगी। जेल प्रशासन का कहना है कि कैदियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जाएगी कि आखिर उन लोगों ने यह कदम क्यों उठाया है। लेकिन शुरुआती जांच में प्रशासन पर दवाब बनाने की बात सामने आ रही है।