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बुजुर्ग पिता ने कांपते हुए लिए दो बेटों के शव: आनंद विहार में जलकर हुई मौत, लाश लेकर बांदा रवाना हुए रामपाल

Tue, 11 Mar 2025 09:28 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांता के जीजा राजेंद्र ने बताया कि 20 अप्रैल को कांता प्रसाद की 19 वर्षीय बेटी की शादी होने वाली थी। श्याम और कांता शादी की तैयारी में जुटे हुए थे। वह बेटी के लिए दहेज भी भेज रहे थे। 
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मृतक श्याम, कांता प्रसाद और उनके पिता रामपाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आनंद विहार हादसे में बुजुर्ग रामपाल के दो जवान बेटों श्याम सिंह व कांता प्रसाद की मौत हो गई। इनके दो ही बेटे थे। पोस्टमार्टम के बाद बुजुर्ग कांता ने कांपते हुए हाथों से अपने बेटों के शव लिए। वह शवों को लेकर अपने पैतृक गांव औरैया रवाना हो गए। वहीं जागेश्वर उर्फ जग्गी के रिश्तेदार उसका शव लेने दिल्ली पहुंचे थे। वह भी शव लेकर बांदा के लिए रवाना हो गए।

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सालों पहले काम के लिए रामपाल आए थे दिल्ली
श्याम और कांता के जीजा ने बताया कि काफी समय पहले इनकी मां की मौत हो गई थी। परिवार में श्याम और कांता व इनके बच्चे हैं। श्याम के परिवार में पत्नी मनोरमा दो बेटी और एक बेटा हैं। वहीं कांता प्रसाद के परिवार में पत्नी सुमन और एक बेटा व बेटी हैं। कई साल पहले इनके पिता रामपाल काम के लिए दिल्ली आए थे। वह भी बेटों के साथ रहते थे। वह रात को एक निजी कंपनी के लिए अंडरग्राउंड वायर डालने का काम करते थे। वहीं 10-12 साल पहले श्याम आया। उसके बाद 6-7 साल पहले कांता दिल्ली आया था। कांता के पिता ने बताया कि रात की ड्यूटी की वजह से वह साइड पर थे। दोनों बेटे रात आठ बजे उनका खाना लेकर पहुंचे थे। पिता को खाना देकर वह वापस आ गए थे।

ठेकेदार ने झुग्गी बनाकर दे रखी थी
वहीं जागेश्वर के परिवार में पिता बारेलाल, मां दुल्ली के अलावा पत्नी शिवदेवी और दो बच्चे हैं। इनके ठेकेदार दिलीप ने सीबीडी ग्राउंड के पास झुग्गी बनाकर दे दी थी। जागेश्वर के साथ उसका भतीजा रहता था। हादसे के समय वह किसी दूसरे के पास सोने चला गया था। आग लगने के बाद शोर-शराबा हुआ तो वह भागा-भागा वहां पहुंचा। तब तक उसके चाचा की जलकर मौत हो चुकी थी।
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20 अप्रैल को होनी थी कांता की बेटी की शादी...
कांता के जीजा राजेंद्र ने बताया कि 20 अप्रैल को कांता प्रसाद की 19 वर्षीय बेटी की शादी होने वाली थी। श्याम और कांता शादी की तैयारी में जुटे हुए थे। वह बेटी के लिए दहेज भी भेज रहे थे। रोते-रोते वह कहने लगे कि अब शादी के घर में शहनाई की जगह मातम पसर गया।

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