- पटौदी, फर्रुखनगर और गढ़ी हरसरू में उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा, एनसीआर के उद्यमियों के लिए खुलेंगे नए अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देने के लिए तीन नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना तैयार की गई है। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) जिले में करीब 1800 एकड़ जमीन पर इन औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करेगा। पटौदी, फर्रुखनगर और गढ़ी हरसरू में प्रस्तावित इन क्लस्टरों से न केवल स्थानीय स्तर पर उद्योगों को विस्तार मिलेगा, बल्कि दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के उद्यमियों को भी उद्योग स्थापित करने के नए विकल्प मिलेंगे।
योजना के तहत तीनों औद्योगिक क्षेत्रों को अलग-अलग जरूरतों के अनुसार विकसित किया जाएगा। कहीं ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रिकल, टेक्सटाइल और खाद्य प्रसंस्करण जैसे उद्योगों को जगह मिलेगी, तो कहीं वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और माल वितरण से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे औद्योगिक इकाइयों को उत्पादन के साथ-साथ भंडारण और माल की आपूर्ति के लिए भी बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने की तैयारी है।
योजना के अनुसार पटौदी औद्योगिक क्षेत्र को करीब 750 एकड़ में विकसित किया जाएगा। इसके दायरे में रामपुर, जनौला, झोरी और जटोला गांव आएंगे। यहां ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रिकल, टेक्सटाइल, पैकेजिंग और फूड प्रोसेसिंग से संबंधित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना है।
फर्रुखनगर में करीब 500 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है। इसके अंतर्गत जटोला, झोरी, सांपका और ताजनगर गांव शामिल होंगे। इस क्षेत्र में वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क, डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जाएगा।
तीसरा औद्योगिक क्लस्टर गढ़ी हरसरू में करीब 550 एकड़ में विकसित किया जाएगा। इसमें बबरा बकीपुर, ख्वासपुर, पटली हाजीपुर और धाना गांव शामिल होंगे। यहां उद्योगों को सहयोग देने वाली इकाइयों, सप्लाई चेन नेटवर्क और ट्रांसपोर्ट हब के विकास की योजना है। इससे आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों को परिवहन और आपूर्ति से जुड़ी सुविधाएं मिल सकेंगी।
तीनों औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक विनय प्रताप सिंह ने बताया कि इन औद्योगिक क्षेत्रों के विकसित होने से आवागमन और माल ढुलाई की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। केएमपी एक्सप्रेसवे, राजमार्गों और रेल नेटवर्क से बेहतर संपर्क होने पर उद्योगों की सप्लाई चेन को भी लाभ मिलेगा। इससे एनसीआर के विभिन्न हिस्सों तक तैयार माल पहुंचाना आसान हो सकेगा।
एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों के अनुसार, तीनों औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन मालिकों से सीधे बातचीत कर बाजार दरों पर मुआवजा देकर भूमि खरीदने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।