मैट्रीमोनियल वेबसाइट पर महिला व लड़कियों को शादी का झांसा देकर फंसाने और उनसे ठगी करने वाले महिला व एक विदेशी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास सात मोबाइल, 11 सिम और एक लैपटॉप बरामद किए हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजीत कुमार सिंघला ने बताया कि गिरफ्तार लोगों की पहचान मूलत: नाइजीरिया निवासी स्मार्ट एगहेर्वा(43) और करनाल हरियाणा निवासी बलराम के रूप में हुई। तीसरी आरोपी महिला है और मूलत: झारखंड की रहने वाली है। 4 जुलाई को एक महिला ने क्राइम ब्रांच के साइबर सेल में मैट्रीमोनियल वेबसाइट पर शादी का झांसा देकर 14 लाख रुपये की ठगी करने की शिकायत की।
शिकायत में महिला ने बताया कि पिछले साल 20 दिसंबर को उसके पास भारत मैट्रीमोनियल वेबसाइट से डॉक्टर नील सीड कुमार नाम के व्यक्ति का निमंत्रण आया। बातचीत के दौरान नील ने उसे वाट्सऐप नंबर और अपना ईमेल एड्रेस दिया। उसके बाद उनके बीच बातचीत और मैसेज का आदान प्रदान होने लगा।
विश्वास में लेने के बाद आरोपी ने उसे एक गिफ्ट भेजे जाने की बात कही और कस्टम क्लीयरेंस और टैक्स के कई मदों को बताकर उससे 14 लाख रुपये ठग लिए। 4 जुलाई को पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने उस अकाउंट का भी पता लगा लिया जिसमें पैसे जमा किए गए थे। इस आधार पर पुलिस ने बलराम को करनाल से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने बताया कि उसने पंजाब नेशनल बैंक का अपना अकाउंट नंबर महिपालपुर में रहने वाली एक महिला को दे रखा है। पुलिस ने उसके निशानदेही पर महिला को गिरफ्तार कर लिया। महिला ने बताया कि बलराम का अकाउंट नंबर उसने एक नाइजीरियन युवक को दिया है। महिला के निशानदेही पर पुलिस ने स्मार्ट एगहेर्वा नाम के नाइजीरियन युवक को गिरफ्तार कर लिया।
अपने वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी वह दिल्ली में रह रहा था। वह अगस्त 2012 में बिजनेस वीजा पर भारत आया। वह वेबसाइट के जरिए महिलाओं व लड़की को शादी का झांसा देकर उससे ठगी करता था और ठगी के रकम को स्थानीय लोगों के अकाउंट नंबर लेकर उसमें डाल देता था।
इसके एवज में वह उनलोगों को पांच से सात प्रतिशत रकम दे देता था। महिला गुमला झारखंड की रहने वाली है। वह अपने पति से अलग रहती है। फेसबुक के जरिए उसकी पहचान बलराम से हुई और फिर दोनों अच्छे दोस्त बन गए। बलराम राजमिस्त्री का काम करता है। उसने अपना अकाउंट 10 हजार में बेच दिया था।