यमुना एक्सप्रेस वे पर बुधवार देर शाम को एक बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कार मार दी। इस दुर्घटना में बाइक सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिजनों का आरोप है कि घायल युवकों ने करीब डेढ़ घंटे तक तड़पने के बाद दम तोड़ दिया। अगर पुलिस और यमुना एक्सप्रेस वे के कर्मचारी समय से अस्पताल पहुंचा देते तो शायद उनकी जान बच जाती।
इस बात को लेकर परिजनों ने नवीन अस्पताल पर भी हंगामा किया। घटना की जानकारी मिलने पर एसपी समेत कई थानों का फोर्स और अन्य अफसर भी पहुंच गए और किसी तरह परिजनों को शांत कराया।
रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के खेड़ा भाईपुर निवासी शिव कुमार और रौनीजा निवासी बलराज उर्फ बल्ला और रौनीजा गांव निवासी नरेश पुत्र नत्थी तीनों शारदा ग्रुप में बतौर माली के रूप में कार्य करते थे।
तीनों दोस्त बाइक से जा रहे थे गांव
बुधवार शाम तीनों मित्र एक बाइक पर सवार होकर वाया यमुना एक्सप्रेस वे से होते हुए अपने गांव के लिए जा रहे थे। बुधवार रात करीब सात बजे जब वे यमुना एक्सप्रेस वे पर जीरो प्वाइंट से करीब 20 किलोमीटर के पास अचानक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
सड़क से गुजरने वाले राहगीरों ने घायलों के फोन उठाकर परिजनों और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उन्हें करीब 8:30 बजे ग्रेनो के नवीन अस्पताल पहुंचाया, जहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कुछ ही देर बाद परिजन अस्पताल पहुंचे और आरोप लगाया कि पुलिस की पीसीआर और जेपी की एंबुलेंस भी मौके पर खड़ी थी लेकिन किसी ने भी घायल युवकों को अस्पताल नहीं पहुंचाया।
अगर समय से अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो तीनों युवकों की जान बच सकती थी। इस बात को लेकर परिजनों ने नवीन अस्पताल पर हंगामा किया तो घटना की सूचना पुलिस को दी।
परिजनों ने पुलिस पर लगाए आरोप
परिजनों का आरोप है कि पुलिस और एंबुलेंस होने के बावजूद पुलिस ने नवीन अस्पताल की एंबुलेंस बुलाई और तब उन्हें अस्पताल भेजा गया। यह बात उन्हें आसपास से गुजरने वाले राहगीरों ने बताई थी।
इस बात को लेकर परिजनों ने जमकर बवाल काटा। घटना की सूचना पर कासना, नॉलेज पार्क और सूरजपुर के अलावा अन्य कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। उधर एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह और सीओ हरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। सभी अफसरों ने किसी तरह लोगों को शांत किया।
तीनों युवकों के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की अस्पताल प्रबंधनों से तालमेेल होती है। वे खुद या यमुना एक्सप्रेस वे की एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल पहुंचाने से बचते हैं।
परिजनों ने आरोप लगाया कि पीसीआर कर्मी अस्पताल प्रबंधनों से कुछ शुल्क वसूल करते हैं और इसी कारण वह स्वयं घायलों को न पहुंचाकर अस्पताल की एंबुलेंस से पहुंचाते हैं।
घटना की असल वजहों का नहीं हो सका है खुलासा
यमुना एक्सप्रेस वे पर एक ही बाइक पर सवार तीन युवकों की हादसे में मौत हो गई है। बाइक डिवाइडर या किसी वाहन से भिड़ी है या किसी अन्य वाहन ने टक्कर मारी है।
इस बात की जांच कराई जाएगी। हालांकि प्रथम दृष्टया पता चला है कि बाइक आगे से क्षतिग्रस्त हुई है। जिससे प्रतीत होता है कि शायद बाइक युवकों से ही डिवाइडर या किसी वाहन से भिड़ी है।
लेकिन जांच के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा। पुलिसकर्मियों और जेपी कर्मियों द्वारा अगर कोई लापरवाही बरती गई है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई कराई जाएगी।
यमुना एक्सप्रेस वे पर हाल के हादसे
एक जनवरी को कार असंतुलित होकर पलटी तीन छात्रों की मौत तीन घायल
14 दिसंबर 2014 को 70 गाड़ियां भिड़ी दो अफसरों की मौत, 25 घायल
12 नवंबर 2014 जेवर टोल प्लाजा के समीप हादसे में दो की मौत
23 अक्तूबर 2014 अट्टा गुजरान गांव के समाने हादसे में युवक की मौत
19 अक्तूबर 2014 केंटर ने इनोवा को मारी टक्कर, दो की मौत नौ घायल
3 जुलाई 2014 डंपर की टक्कर से दो युवकों की मौत
12 मार्च 2014 को जीरो प्वाइंट पर स्कॉर्पियो टकराई एक की मौत दो घायल