यात्रियों को नई बसों की सुविधा मुहैया कराने से पहले राजघाट-2 डिपो में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि परिचालन में दिक्कत न हो। डीटीसी के एक अधिकारी के मुताबिक, डिपो में चार्जिंग पॉइंट लगाने का काम चल रहा है।
इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए राजघाट-2 में तीसरा डिपो तैयार किया जा रहा है। इसके लिए चार्जिंग, वर्कशॉप और तकनीकी जरूरतें पूरी करने के लिए बुनियादी सुविधाएं डिपो में विकसित की जा रही हैं। डिपो में 16 चार्जिंग पॉइंट लगाए जा रहे हैं। डीटीसी के बेड़े में शामिल होने वाली नई बसें इसी डिपो से अलग-अलग मार्गों पर चलेंगी।
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फिलहाल डीटीसी की 150 बसें रोहिणी, सेक्टर-37 और मुंडेला कलां डिपो से संचालित हो रही हैं। यात्रियों को नई बसों की सुविधा मुहैया कराने से पहले राजघाट-2 डिपो में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि परिचालन में दिक्कत न हो। डीटीसी के एक अधिकारी के मुताबिक, डिपो में चार्जिंग पॉइंट लगाने का काम चल रहा है। जुलाई में बसों के परिचालन के लिए डिपो में सभी जरूरी सुविधाएं तैयार कर ली जाएंगी। पूरी तरह चार्ज होने पर एक ई-बस 110 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है। फुल चार्ज होने में 40 मिनट से एक घंटे का वक्त लगता है।