व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार प्रस्ताव वापस नहीं लेती है तो मजबूर होकर दिल्ली के व्यापारियों को पड़ोसी राज्य हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान में अपने व्यापार को स्थानांतरित करना पड़ेगा। कैट ने डीजल वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ 10 जुलाई से अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
प्रदूषण रोकने के लिए एक अक्टूबर से डीजल वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने के प्रस्ताव पर व्यापारी लामबंद हो गए हैं। इस मुद्दे पर बुधवार को कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एक बैठक भी की। जिसमें ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों समेत दिल्ली के 200 से अधिक व्यापारिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए।
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बैठक में व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार प्रस्ताव वापस नहीं लेती है तो मजबूर होकर दिल्ली के व्यापारियों को पड़ोसी राज्य हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान में अपने व्यापार को स्थानांतरित करना पड़ेगा। कैट के प्रदेश अध्यक्ष विपिन आहूजा के नेतृत्व में एक संघर्ष समिति का गठन करने का प्रस्ताव पारित किया गया। कहा गया कि 10 जुलाई से दिल्ली भर में चलने वाले इस अभियान में दिल्ली के सभी बाजारों में व्यापारियों की सभाएं व रैली आयोजित की जाएंगी। पर्यावरण सुरक्षा के लिए व्यापारियों ने दिल्ली में 1 करोड़ पौधे लगाने का प्रस्ताव भी स्वीकार किया। इस मुद्दे पर प्रवीण खंडेलवाल व देवराज बावेजा के नेतृत्व में कैट का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, दिल्ली के उपराज्यपाल से मिलेगा।
चैंबर के चेयरमैन ने परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत से की मुलाकात
डीजल वाहनों पर एक अक्तूबर से दिल्ली में प्रवेश पर पाबंदी लगाने के प्रस्ताव ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। त्योहार का मौसम इसी दौरान शुरू होता है, ऐसे में व्यापार पर इसका प्रभाव पड़ेगा। इसे लेकर बुधवार को चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत से मुलाकात की। दिल्ली के व्यापारियों की तरफ से एक ज्ञापन देकर उनकी चिंता से अवगत कराया। मुलाकात के दौरान गोयल ने परिवहन मंत्री को यह भी बताया कि 1 अक्तूबर से डीजल ट्रकों की एंट्री दिल्ली में बैन होने की खबर आने के बाद से दिल्ली के 10 लाख व्यापारी, फैक्ट्री मालिक और ट्रान्सपोर्टर्स चिंतित हैं। अक्तूबर, नवंबर त्योहारों का मौसम होता है।