एक बार आप यदि स्वाइन फ्लू से उबर चुके हैं तो यह मत सोचिए कि टेमी फ्लू खाने के बाद बीमारी आपको दोबारा नहीं होगी। साफ सफाई और संक्रमण से बचाव में थोड़ी सी भी लापरवाही आपको फिर से स्वाइन फ्लू रोगी बना सकती है।
जिला अस्पताल में पहुंची स्वाइन फ्लू रोगी जीनत को दोबारा संक्रमण हो गया। यह पहला ऐसा रोगी नहीं है। पुराने कई ऐसे ठीक हो चुके रोगी हैं, जो एक बार फिर से स्वाइन फ्लू वायरस एच1एन1 से संक्रमित हो गए है।
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर बताते हैं कि संक्रमण (एंटीजन) के विरोध में शरीर में एंटीबॉडी बन जाते हैं। यह एक माह या इससे अधिक समय तक बीमारी से बचाने की ताकत रखते हैं।
लेकिन इसके बाद इनकी ताकत कम होने लगती है। वायरस भी अपने स्वरूप बदल लेता है और वह व्यक्ति पर हावी हो जाता है। यही वजह है कि हर साल इंफ्लूएंजा वैक्सीन लगाने की सलाह दी जाती है।
दस दिन के बाद दोबारा संक्रमण होने पर लैब की जांच पर भी सवालिया निशान संभव है। लैब को भी एंटीबॉडी टेस्ट की जगह एंटीजन टेस्ट करने चाहिए। एंडीबॉडी टेस्ट पुराना संक्रमण दर्शा सकता है, जबकि एंटीजन टेस्ट नया संक्रमण दर्शाते हैं।