नोएडा के फेज-2 पुलिस ने वाहन चोर गिरोह के दो बदमाशों को दबोचा है। गिरोह के बदमाश चोरी की गाड़ी के फर्जी कागजात ही नहीं बल्कि चेसिस व इंजन नंबर भी बदल कर उसे बेच देते थे। खास बात यह है कि चोरी की एक टाटा इंडिगो कार के चेसिस व इंजन नंबर को 25 गाड़ियों पर अंकित कर बेच दिया गया।
पुलिस ने बुधवार देर रात सेक्टर-88 के पास से बिहार के बेगुसराय निवासी सहदेव और बांदा निवासी पन्ना लाल को गिरफ्तार किया। उनके पास से चोरी की बोलेरो, टाटा इंडिगो समेत तीन वाहन बरामद किए गए। गिरोह के एक बदमाश रविंद्र को फेज-2 पुलिस दो दिन पहले गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
मार्च 2013 में सेक्टर-39 से चोरी हुई इंडिगो कार का नंबर यह गिरोह इस्तेमाल कर रहा था। गिरोह के बदमाश उसका नंबर व चेसिस नंबर चोरी की 25 गाड़ियों पर अंकित कर उसके फर्जी कागजात बांदा व अन्य आरटीओ कार्यालय से बनवा लेते थे।
इसके बाद वे उसे लोगों को कम दाम पर बेच देते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह का मास्टर माइंड सुनील और अन्य बदमाश लखनऊ निवासी राजू की तलाश की जा रही है। गिरोह नोएडा, गाजियाबाद, बांदा समेत कई जिलों में वारदात को अंजाम दे चुका है।