भारत में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए हथियार व बम चलाने की ट्रेनिंग लेने पाकिस्तान जा रहे युवक जम्मू कश्मीर से पाकिस्तान की सीमा में बॉर्डर से अवैध रूप से प्रवेश करने वाले थे। ये दिल्ली से जम्मू कश्मीर जा रहे थे।
ये खुलासा दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद आरोपी युवकों खालिद मुबारक खान(21) व अब्दुल्ला उर्फ अब्दूर रहमान(26) ने किया है। दिल्ली पुलिस ने दोनों को सोमवार तक पुलिस रिमांड पर ले रखा है।
पुलिस ने अभी दोनों आरोपियों को सिर्फ आर्म्स एक्ट की धाराओं में गिरफ्तार किया गया है। दोनों को आतंकी विरोधी रोकथाम अधिनियम(यूएपीए) के तहत गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये भटके हुए युवक हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की पूछताछ में सामने आया है कि अब्दुल्ला उर्फ अब्दुर रहमान बांग्लादेश का रहने वाला हैं। वह तीन वर्ष पहले बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में आया था और तमिलनाडु में काजू निकालने का काम करता था।
वह मदरसे में आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। बांग्लादेशी होने के कारण वह अंसार के बहकावे में जल्दी आ गया। खालिद मुबारक खान 12 वीं कक्षा तक पढ़ा है। इन दोनों ने पूछताछ में बताया कि ये जम्मू कश्मीर जाने के लिए दिल्ली आए थे।
जम्मू में ये लश्कर ए तैय्बा के एक आतंकी व जेहादी से मिलने वाले थे। वह उन्हें वहां ठहरता और पाकिस्तान में प्रवेश करवाता। स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू कश्मीर ने कुछ युवकों को पकड़ा है।
दिल्ली पुलिस जम्मू कश्मीर पुलिस के लगातार संपर्क है। पुलिस को जांच में ये भी पता लगा है कि पाकिस्तान में बैठा अंसार नामक हैंडलर इनको पाकिस्तान बुला रहा था। वह लश्कर का आतंकी व पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएएस के संपर्क में है। पुलिस को मानना है कि अंसार भारत के सोशल मीडिया पर सक्रिय युवकों को जेहादी बनाने में लगा हुआ है।
भड़काऊ पोस्ट करने पर जेहादी राह पर चलने को मजबूर कर दिया
स्पेशल सेल की जांच में ये सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन व आईएसआई ने एक सोशल मीडिया सेल बना रखा है। ये सेल सोशल मीडिया पर ऐसे युवकों को नजर रखते हैं जो किसी मुद्दे पर देश विरोधी या कोई कड़ी पोस्ट कर देते हैं। पाकिस्तान में बैठे लोग फिर इनसे संपर्क साधते हैं और फिर अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बात करने के लिए कहते हैं। युवक इनसे बात करने लग जाते हैं और फिर इनको उनको जेहादी बनाते हैं।