लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रदेश कांग्रेस ने मानों चुप्पी साध ली है। अन्य पार्टियां जहां हार और जीत को लेकर समीक्षा बैठक कर रही है तो वहीं कांग्रेस कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है। कार्यकर्ताओं की जमघट तक नहीं लग रहा है।
शीला दीक्षित को प्रदेश का कमान देने के बाद पार्टी में उत्साह देखने को मिला था। लोकसभा चुनाव भी पार्टी के प्रत्याशियों ने पूरे ऊर्जा के साथ लड़ा, लेकिन चुनाव में सातों लोकसभा सीट पर मिली हार ने उत्साह को ठंडा कर दिया है।
डीडीयू मार्ग स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में भी कार्यकर्ता नहीं पहुंच रहे हैं। उधर प्रदेश नेतृत्व की तरफ से भी कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा रहा है। कार्यकर्ता भी चुप्पी साध घरों में बैठे हुए है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव पार्टी ने नहीं बल्कि प्रत्याशियों ने अपने दमखम पर चुनाव लड़ा था। लिहाजा सभी आत्ममंथन में ही जुटे हैं। पार्टी के तरफ से हार-जीत की समीक्षा इसी वजह से नहीं की जा रही है।