अदालत ने कथित दुष्कर्म पीड़िता के बयानों से मुकरने के आधार पर आरोपी को बरी कर दिया। पीड़िता ने कहा कि घटना के समय वह बालिग थी और मंदिर में विवाह के बाद ही आरोपी बनाए गए व्यक्ति ने उसकी सहमति से शारीरिक संबंध बनाए थे।
तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पवन कुमार जैन ने फैसले में कहा कि पीड़िता व उसकी मां ने अपने बयानों में माना है कि घटना के समय वह बालिग थी।
अदालत ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि जब प्राथमिकी दर्ज करवाई गई व गर्भवती थी लेकिन उनके बीच संबंध विवाह के बाद बने थे। ऐसे में यह मामला दुष्कर्म का नहीं है।
इसलिए वे उसे बरी करते हैं। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 17 वर्षीय युवती ने 6 मार्च 14 को आरोप लगाया था कि आरोपी ने विवाह का वादा कर उससे शारीरिक संबंध बनाए व उसके बाद विवाह से इनकार कर दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया था।