दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक इंटरनेशनल गिरोह का पर्दाफाश कर गिरोह के एक सदस्य मणिपुर निवासी आशिक इल्के (45) को मणिपुर से 15 जनवरी को गिरफ्तार किया है। आरोपी म्यांमार से हेरोइन मंगाकर भारत में सप्लाई करता था। आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए है। इन फोनों से ये गिरफ्तार किए गए सदस्यों व फरार हो रखे आरोपियों से बात करता था।
स्पेशल सेल उपायुक्त के अनुसार काफी समय से बरेली से दिल्ली व एनसीआर में हेरोइन की सप्लाई हो रही थी। इसके अलावा अफगानिस्तान से लाकर पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर व पंजाब में हेरोइन की सप्लाई हो रही थी। 24 नवंबर को धर्मराज व चंद्रशेखर को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया और इनके कब्जे से बरेली से आई तीन किलो हेरोइन बरामद की गई थी।
इनसे पूछताछ में पता चला कि जावेद खान इस गिरोह को चला रहा है। इसके बाद गांव गुलाडिया, मीरगंज जिला बरेली यूपी निवासी जावेद खान को हेरोइन के साथ रूद्रपुर, उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया था। जावेद खान ने बताया कि वह साथी पंकज और गणपत के साथ मिलकर मणिपुर से अनीस उर्फनूरुल हुड्डा, अशिक इल्हे और जलालुद्दीन से हेरोइन मंगाता है।
21 दिसंबर को बरेली से पंकज को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद ये स्पष्ट हो गया कि भारत में म्यांमार से अनीस, आशिक इल्हे और जल्लाउद्दीन मंगाते हैं और जावेद खान और पंकज को दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करने केलिए देते हैं।
तफ्तीश में ये भी पता लगा कि जावेद व पंकज मणिपुर में आरोपियों के बैंक एकाउंट में पैसे ट्रांसफर करते हैं। पता लगा कि आशिक अली केतीन बैंक एकाउंट हैं। जावेद, पंकज और गणपत चार महीने में 90 लाख रुपये ट्रांसफर कर चुकेहैं। मादक पदार्थों के इन तस्करों के बीच करीब दो करोड़ रुपये के लेनदेन के बारे में पता लगा है। पुलिस ने सभी बैंक खातों को सीज कर दिया है।