स्वाइन फ्लू से मॉडल टाउन निवासी शील गोयल की मौत के पांच दिन बाद स्वास्थ्य विभाग जागा। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम परिजनों का सैंपल लेने उनके घर पहुंची तो परिजनों ने खरीखोटी सुनाते हुए टीम को बैरंग लौटा दिया।
परिजनों का कहना था कि जब स्वास्थ्य विभाग यही नहीं मान रहा था कि शील को स्वाइन फ्लू था तो सैंपल लेने टीम क्यों भेजी।
रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मॉडल ईस्ट में शील गोयल के परिजनों के सैंपल लेने के लिए पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली से नाराज परिजनों ने टीम को जमकर खरी खोटी सुनाई और बिना सैंपल दिए लौटा दिया।
शील गोयल के बेटे सरल गोयल का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जब स्वाइन फ्लू था ही नहीं तो सैंपल लेने की क्या जरूरत पड़ गई। जब तक सीएमओ खुद उनके परिवार से बातचीत नहीं करेंगे, तब तक वह सैंपल नहीं देंगे।
सीएमओ डा. अजेय अग्रवाल का कहना है कि जब तक दिल्ली एनडीएमसी (नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल) से रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक हम पुष्टि नहीं कर सकते।
दोनों अस्पतालों से मांगी रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग ने यशोदा अस्पताल और कोलंबिया एशिया अस्पताल से रिपोर्ट मांगी है। नोटिस जारी करके उन्होंने दोनों अस्पतालों से पूछताछ की है।
यशोदा अस्पताल से लाइन ऑफ ट्रीटमेंट और कोलंबिया एशिया अस्पताल से यह रिपोर्ट मांगी गई है कि उन्होंने मरीज का सैंपल स्वास्थ्य विभाग को क्यों नहीं भेजा। वहीं कोलंबिया एशिया अस्पताल के जीएम सुमित प्रसाद का कहना है कि उनके पास अभी तक कोई नोटिस नहीं आया है।
अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में परिवार
सरल गोयल का कहना है कि उन्होंने इस मामले से पत्र लिखकर सीएम अखिलेश यादव को भी अवगत कराया है। जल्द ही अस्पताल के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।