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डॉक्टरों का करिश्माः मां बनने की क्षमता लौटाई

Wed, 30 Apr 2014 04:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सड़क हादसे में घायल होने के बाद 21 साल की युवती के मां बनने की संभावना लगभग खत्म हो गई थी लेकिन पटपड़गंज स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों के प्रयासों ने न सिर्फ युवती की जान बचाई बल्कि उसके पेट की जटिल सर्जरी के माध्यम से भविष्य में उसके मां बनने की संभावना को भी जिंदा रखा।
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युवती का फिलहाल अभी उपचार चल ही रहा है। डॉक्टरों की मानें तो पीड़िता भविष्य में शादी कर सामान्य जीवन व्यतीत कर सकेगी। पीड़ित युवती परिवार के साथ नोएडा में रहती है। वर्ष 2011 में ट्रक ने उसके दाईं ओर (पेट से लेकर घुटने तक) के हिस्से को बुरी तरह कुचल दिया था।

पटपड़गंज स्थित मैक्स अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका गंभीर ऑपरेशन किया। उसके खराब मांस को निकालकर फेंक दिया गया। साथ ही उसकी उल्टे कूल्हे से खाल को निकालकर पेट और अन्य जगहों पर लगाया गया।
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इससे पीड़िता की जान तो बच गई, लेकिन पेट पत्थर की तरह सख्त हो गया। इससे भविष्य में उसकी मां बनने की संभावनाएं लगभग खत्म हो गई। परिवार की सहमति और विशेषज्ञों से राय लेने के बाद युवती के पेट को दोबारा खोलकर उसका ऑपरेशन करने की योजना बनाई गई।

ऑपरेशन के दौरान सख्त हो चुकी खाल को हटाकर छह माह के लिए वहां दो गुब्बारों (मेडिकल बलून) को डाला गया। इस बीच नई खाल डेवलप की गई और बाद में गुब्बारों को निकाल लिया गया। डॉक्टरों की मानें तो अपने आप में यह काफी जटिल सर्जरी थी।

इससे युवती अब मां बन सकेगी। इसके तीसरे फेज में उसके दाईं ओर जांघ से घुटने तक की सर्जरी की गई। उसकी जांघ में भी गुब्बारा डाला गया है। फिलहाल युवती की हालत बेहतर है। वह अब चल भी पाती है। परिवार के मुताबिक, इलाज के दौरान पीड़िता ने बीएड में दाखिला लेकर एग्जाम भी दिए।
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