अंग्रेजी भाषा से भारतीय छात्र ही नहीं, बल्कि जापानी छात्र भी घबराता है। यह बात बुधवार को शहर आए एक जापानी दल के प्रमुख हीरोकाजू कीतायामा और योको इशाका ने कही। सेक्टर-6 स्थित एक कंपनी के बुलावे पर यह दल फरीदाबाद पहुंचा था।
इस दौरान उन्होंने स्कूलों में पौधे भी लगाए। दल के प्रमुख ने बताया कि आज भी जापान में अंग्रेजी 11वीं से पढ़ाई जाती है। इसी वजह से जापानियों की अंग्रेजी अच्छी नहीं होती। हालांकि गणित में भी जापान के छात्र बहुत ज्यादा अच्छे नहीं होते, वहीं भारतीय बच्चे उंगलियों पर गणित का हिसाब जोड़ लेते हैं।
इस मौके पर जापानी टीम ने तीन निजी स्कूलों में जाकर भारतीय शिक्षा पद्धति को समझने का प्रयास किया। वहां उन्होंने पहली, दूसरी व तीसरी क्लास के बच्चों से मुलाकात की। दल ने अध्यापकों से शिक्षण पद्धति को जाना। इस दौरान टीम के सदस्यों ने शिक्षकों द्वारा दिए गए डेमो लेसन की काफी प्रशंसा की।