ऑनलाइन कंपनियों के फिर से सेल ऑफर लाने से डिस्ट्रिब्यूटर खासे परेशान हैं। मोबाइल कंपनियां अपने नए हैंडसेट को ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए उपभोक्ताओं को बेच रही हैं, जिसके कारण मोबाइल कारोबार में 30 से 45 प्रतिशत तक कमी हो गई है।
ऐसे में कई कई रिटेल विक्रेता भी ऑनलाइन मोबाइल खरीदकर बेच रहे हैं। वहीं, ऑनलाइन शॉपिंग से नाराज टेलीकॉम एसोसिएशन जल्द ही कंपनियों से खरीदारी बंद कर सकती है।
कंप्यूटर विक्रेताओं की एकजुटता का ही परिणाम था कि कुछ माह पहले कंप्यूटर कंपनियों ने ऑनलाइन कंपनियों को अपने प्रोडक्ट देना बंद कर दिया था। कंपनियां डिस्ट्रीब्यूटरों के दबाव में आ गई थीं।
जिसके कारण मार्केट के रेट और ऑनलाइन कंपनियों के रेट में ज्यादा अंतर नहीं रह गया है। अब फिर मोबाइल कारोबार ऑनलाइन कंपनियों की गिरफ्त में आ रहा है।
रेट में अंतर
ऑनलाइन और मार्केट में मोबाइल के रेट में अंतर है। मोबाइल विक्रेता सोनू पाठक के मुताबिक करीब हर हैंडसेट के रेट पर 20 से 30 प्रतिशत तक का अंतर आता है। इसलिए उपभोक्ता सीधे ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं।
इससे कुछ नुकसान भी है। स्नैपडील की बंपर सेल धमाके से हालात और बिगड़ेंगे। इसका असर आने वाले समय में और बुरा पड़ेगा। विक्रेताओं की सेल और गिरेगी।
करेंगे आंदोलन
गाजियाबाद टेलीकॉम एसोसिएशन ऑनलाइन कंपनियों के खिलाफ लड़ेगी। एसोसिएशन के संरक्षक अभिषेक गर्ग के मुताबिक कंपनियों के अफसरों से बात की जाएगी। यदि संभव हुआ तो विक्रेता कंपनियों से बिलिंग भी बंद कर देंगे।