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सस्ते घर के चक्कर में फंस गए आवेदक

Sun, 01 Feb 2015 01:59 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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बिल्डर प्रोजेक्ट के सस्ते फ्लैट्स की स्कीम में फर्जी दस्तावेजों के सहारे आशियाना लेने की कोशिश करने वाले तीन आवेदकों पर एफआईआर की तलवार लटक गई है।
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जीडीए अधिकारियों की जांच में मेरठ, गाजीपुर और गोंडा के एक-एक आवेदक के प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। जीडीए अधिकारियों ने आवेदन कैंसल कर इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर दी है।

इसके साथ ही जीडीए ने योजना के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ड्रा से बचे 1672 आवेदकों के प्रमाणपत्रों की जांच का काम अंतिम दौर में पहुंच गया है।
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जीडीए ने जून-2013 में बिल्डर प्रोजेक्ट्स में 2500 एलआईजी और 2500 ईडब्लूएस फ्लैट्स की स्कीम लांच की थी।

जीडीए ने सभी फ्लैट्स का ड्रा इस शर्त पर किया था कि आवेदन के दौरान दिए गए प्रमाणपत्रों की जांच ड्रा के बाद की जाएगी।

प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर आवेदन निरस्त कर ऐसे आवेदकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। बीते वर्ष जीडीए ने योजना का नंबर ड्रा दो चरणों में कराने का फैसला लिया था।

मधुबन-बापूधाममें प्लाट को विधायकों को भेजेंगे डिमांड  लेटर
मधुबन-बापूधाम योजना में आवंटित प्लाट की किश्त न देने वाले विधायकों को जीडीए डिमांड लेटर भेजेगा। इसमें मूल धनराशि और बकाए पर ब्याज की गणना अलग-अलग दशाई है, ताकि विधायकों को वास्तविक बकाया और ब्याज की जानकारी मिल सके।
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सभी विधायकों को एक साथ लेटर डिस्पैच किए जाएंगे। बीते दिनों गाजियाबाद आई विधान परिषद की भ्रष्टाचार निवारण समिति ने डिमांड लेटर भेजने के निर्देश दिए थे। 23 विधायकों में से कई ने सिर्फ एक या दो किश्त और कई ने एक भी किश्त नहीं दी है।

वर्षों से बकाया होने से 35 लाख रुपये के प्लाट की कीमत 60 लाख रुपये पहुंच चुकी है। अफसरों के मुताबिक विधायकों को जल्द ही डिमांड लेटर भेजे जाएंगे।
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