कार का बोनट खोलकर दोनों देखने लगे। कार के बोनट के नीचे की ओर कुछ केमिकल गिरा था। दोनों जांच करने के बाद वापस कार में आए तो उनकी सीट पर रखा बैग गायब था। बैग में लैपटॉप के अलावा उनका कैश भी रखा था। मामले की सूचना मिलते ही तिमारपुर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। लोकल पुलिस के अलावा जिले के स्पेशल स्टाफ ने भी मामले की जांच शुरू की। पुलिस की टीम ने घटना स्थल के आसपास लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की। जांच के बाद पता चला कि वारदात को ठकठक गिरोह ने अंजाम दिया है।
छानबीन के दौरान हवलदार रविंदर को सूचना मिली कि वारदात को अंजाम देने वाले गैंग के दो बदमाश नीली छतरी वाला मंदिर, यमुना बाजार आने वाले हैं। सूचना के बाद पुलिस ने बुधवार को वहां ट्रैप लगा दिया। इसके बाद पवन और सागर को दबोच लिया गया। इनके पास से सात लाख कैश और लैपटॉप बरामद हो गया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वह कैश बांटने के लिए वहां आए थे। कुछ ही देर बाद उनके दो अन्य साथी रमेश और अविनाश भी आने वाले थे। पुलिस अब उन दोनों की तलाश कर रही है। आरोपियों ने बताया कि बैग में उनको 7.10 लाख रुपये ही मिले थे। दस हजार रुपये इन लोगों ने मौजमस्ती में उड़ा दिए। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।