एक सवाल झज्जर की हिंसा में यह जरूर उठता है कि हिंसा का निशाना पंजाबियों और सैनियों को ही क्यों बनाया गया। शहर के जानकार लोग इसका अलग अलग कारण बताते हैं।
वहीं जाट समाज अपने आप को हिंसा से अलग तो मानता है पर उकसावे की बात से इनकार भी नहीं करता। छावनी कालोनी के ज्यादातर लोगों ने बताया कि हमलावर जानते थे कि उन्हें सिर्फ सैनियों को निशाना बनाना है।
कई लोगों से उन्होंने जाति पूछी भी। इसकी वजह वे सांसद राजकुमार सैनी के जाट विरोधी बयानों को मानते हैं। जहां तक पंजाबियों की दुकान को निशाना बनाने की बात है तो वहां भी इसकी वजह सीएम मनोहर लाल का पंजाबी होना ही बताया जा रहा है।