तापमान कम होने से स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ने के साथ ही उसके प्रभाव का क्षेत्र भी बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को ल्यादा सावधान रहने की जरूरत है। तापमान के 30 डिग्री तक पहुंचने के बाद ही इसका संक्रमण कम होगा।
स्वाइन फ्लू का वायरस सामान्यतया एक मीटर की दूरी तक प्रभावी रहता है और 10 मिनट तक इसका संक्रमण हो सकता है।
इसके साथ ही यदि तापमान कम रहने के साथ ही हवा का संचालन बंद रहता तो इसका असर बढ़ जाता है। यादि बंद कमरो और आफिसों में स्वाइन फ्लू का वायरस पांच मीटर तक प्रभावी रहता है।
यह 28 मिनट तक संक्रमित करने में प्रभावी रहता है। स्वस्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तापमान में गिबरावट होने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में जागरूक रहने की जरूरत है।
डीएमओ डा. जीके मिश्रा के अनुसार तापमान के 30 डिग्री तक पहुंचने की स्थिति में ज्यादा बचाव करना होगा। लोगों को मुंह पर कपड़ा या मास्क बांधने के साथ ही खिड़की-दरवाजों को खुला रखने की जरूरत है।
आफिस या घर में एक साथ कई लोगों के रहने पर हवा का आवागमन होना जरूरी है। बंद कमरे-आफिस में संक्रमण फैलने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।..