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पिछले 20 दिन में ही स्वाइन फ्लू ने तोड़ दिया 2018 का रिकॉर्ड, मिले 267 मरीज

Mon, 28 Jan 2019 01:29 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) वायरस का संक्रमण तेजी से फैल चुका है। पिछले 20 दिन के दौरान राजधानी में फ्लू का रिकॉर्ड तोड़ असर देखने को मिल रहा है। 1 से 20 जनवरी तक दिल्ली में 267 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं जबकि पिछले वर्ष में 205 मरीज दर्ज किए गए थे।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंकड़ों को जारी करते हुए दिल्ली स्वास्थ्य विभाग से तत्काल ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उधर दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राजधानी के अस्पतालों में स्वाइन फ्लू को लेकर हर तरह का उपचार उपलब्ध है। सभी अस्पतालों में टैमी फ्लू दवा का भंडारण भी रखा गया है।

एम्स के डॉ. नवल का कहना है कि पिछले दो सप्ताह में बुखार, सर्दी-जुकाम के साथ संदिग्ध स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या ओपीडी में बढ़ी है। वहीं साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के डॉ. विवेक कुमार का कहना है कि जिन मरीजों को पहले से ही स्टेंट या हार्ट सर्जरी हुई है, उन्हें ये संक्रमण जानलेवा तक हो सकता है। उनकी ओपीडी में भी हार्ट के मरीजों को फ्लू के चलते बुखार, बदन दर्द, उल्टी इत्यादि की शिकायतें देखने को मिल रही हैं।
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हार्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश मल्होत्रा का कहना है कि युवाओं में स्वाइन फ्लू ज्यादा देखने को मिल रहा है। उनकी ओपीडी में पिछले 10 दिन के भीतर ही 200 से ज्यादा युवा मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं। इन मरीजों को सांस लेने में तकलीफ के अलावा ज्यादा व्यायाम न कर पाने की परेशानी देखने को मिल रही है।

डॉ. मल्होत्रा का कहना है कि दिल्ली के लोगों से भीड़ वाले क्षेत्रों खासतौर पर मेट्रो, बाजार और डीटीसी में सावधानी बरतने की अपील की है। मुंह पर मास्क लगाकर ही लोग अपने घरों से बाहर निकलें। शाम को घर पहुंचते ही गरम पानी से स्नान लें। सर्दी, जुकाम, बुखार, उल्टी, सिरदर्द, जोड़ो में दर्द इत्यादि लक्षणों को नजरंदाज नहीं करें।

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हर दिन बढ़ रहे फ्लू की जांच के केस, अब तक हो चुकी है छह मौत

बताया जा रहा है कि इस समय दिल्ली गेट स्थित लोकनायक अस्पताल में करीब 10, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 15, एम्स में 23, सफदरजंग अस्पताल में 18 मरीजों का उपचार चल रहा है। हालांकि राहत की खबर है कि अभी तक स्वाइन फ्लू किसी मरीज की जान का कारण नहीं बना है।

सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि ये चिंता का विषय है कि दिल्ली में अचानक से स्वाइन फ्लू के इतने मरीज सामने आ रहे हैं। चूंकि वायरस का असर सीधे तौर पर प्रभावी नहीं है। इसीलिए फ्लू ग्रस्त मरीजों की जान को खतरा नहीं है। हालांकि इसमें बदलाव भी हो सकता है।

दिल्ली में मरीज            समय
267                            1 से 20 जनवरी 2019      
205                            1 जनवरी से 31 दिसंबर 2018       
(1 जनवरी से 31 दिसंबर 2018 के बीच 2 मरीजों की मौत भी)
 
हर दिन बढ़ रहे फ्लू की जांच के केस
एक ओर 267 मरीजों को स्वाइन फ्लू ने अपनी चपेट में ले लिया है। वहीं दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी और फ्लू की जांच कराने वालों की संख्या भी कई गुना बढ़ी हैं। अनुमान के अनुसार पिछले दो सप्ताह में दिल्ली में सफदरजंग, एम्स, आरएमएल, एलएनजेपी, डीडीयू, आंबेडकर अस्पताल और जीटीबी में करीब 6 हजार से ज्यादा मरीज फ्लू की जांच डॉक्टरों की सलाह पर करा चुके हैं।

अब तक हो चुकी है छह मौत
राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पिछले कुछ दिन में ही स्वाइन फ्लू से छह मरीजों की मौत होने की सूचना दी जा रही है। हालांकि प्रबंधन ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं किया है। लेकिन अस्पताल के सूत्रों की मानें तो 20 जनवरी तक यहां स्वाइन फ्लू के लक्षण के साथ 44 मरीज आए। जांच के बाद 22 मरीज स्वाइन फ्लू के पीड़ित पाए गए। करीब सात मरीज ठीक हो गए जिन्हें छुट्टी दे दी गई लेकिन छह मरीजों की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। इनमें से दो मरीज दिल्ली के निवासी थे जबकि अन्य मरीज दूसरे राज्य के निवासी थे। बताया ये भी जा रहा है कि इसके अलावा भी राजधानी के अलग-अलग निजी अस्पतालों में फ्लू ग्रस्त मरीजों की मौतें हो चुकी हैं। 
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