दिल्ली में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) वायरस का संक्रमण तेजी से फैल चुका है। पिछले 20 दिन के दौरान राजधानी में फ्लू का रिकॉर्ड तोड़ असर देखने को मिल रहा है। 1 से 20 जनवरी तक दिल्ली में 267 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं जबकि पिछले वर्ष में 205 मरीज दर्ज किए गए थे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंकड़ों को जारी करते हुए दिल्ली स्वास्थ्य विभाग से तत्काल ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उधर दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राजधानी के अस्पतालों में स्वाइन फ्लू को लेकर हर तरह का उपचार उपलब्ध है। सभी अस्पतालों में टैमी फ्लू दवा का भंडारण भी रखा गया है।
एम्स के डॉ. नवल का कहना है कि पिछले दो सप्ताह में बुखार, सर्दी-जुकाम के साथ संदिग्ध स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या ओपीडी में बढ़ी है। वहीं साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के डॉ. विवेक कुमार का कहना है कि जिन मरीजों को पहले से ही स्टेंट या हार्ट सर्जरी हुई है, उन्हें ये संक्रमण जानलेवा तक हो सकता है। उनकी ओपीडी में भी हार्ट के मरीजों को फ्लू के चलते बुखार, बदन दर्द, उल्टी इत्यादि की शिकायतें देखने को मिल रही हैं।
हार्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश मल्होत्रा का कहना है कि युवाओं में स्वाइन फ्लू ज्यादा देखने को मिल रहा है। उनकी ओपीडी में पिछले 10 दिन के भीतर ही 200 से ज्यादा युवा मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं। इन मरीजों को सांस लेने में तकलीफ के अलावा ज्यादा व्यायाम न कर पाने की परेशानी देखने को मिल रही है।
डॉ. मल्होत्रा का कहना है कि दिल्ली के लोगों से भीड़ वाले क्षेत्रों खासतौर पर मेट्रो, बाजार और डीटीसी में सावधानी बरतने की अपील की है। मुंह पर मास्क लगाकर ही लोग अपने घरों से बाहर निकलें। शाम को घर पहुंचते ही गरम पानी से स्नान लें। सर्दी, जुकाम, बुखार, उल्टी, सिरदर्द, जोड़ो में दर्द इत्यादि लक्षणों को नजरंदाज नहीं करें।