नशे में धुत एक रईसजादे ने शुक्रवार रात सर्वोदय अस्पताल के सामने कूडे़दान में कूड़ा डाल रहे अस्पताल के स्वीपर को कार से टक्कर मार दी। इसके बाद उसकी कार एक अन्य कार से टकरा गई। टक्कर लगने से स्वीपर के दोनों पैरों में फैक्चर हो गया है।
गंभीर हालत में उसे सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना से नाराज अस्पताल के कर्मचारियों ने हंगामा कर कार चला रहे बीटेक स्टूडेंट को पकड़कर धुन दिया। बाद में उसे कविनगर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पकड़े गए रईसजादे ने पुलिस वालों को भी हड़काया। कभी कहा कि उसके पिता एडीएम हैं, फिर इंजीनियर बताया और बाद में डिप्टी एसपी। कहा कि पिता उसे थाने से ही छुड़ा लेंगे। हालांकि देर रात तक वह नहीं छूट सका था। उसके खिलाफ कविनगर थाने में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही थी।
एसएचओ कविनगर अवनीश गौतम ने बताया कि सर्वोदय अस्पताल में प्रमोद स्वीपर है। वह पत्नी मीनाक्षी और तीन बच्चों राधिका, वंशिका और निशांत के साथ महेंद्रा एंक्लेव में किराए पर रहता है। शुक्रवार रात करीब साढे़ सात बजे प्रमोद एएलटी रोड किनारे रखे कूडे़दान में कूड़ा डालने गया था।
इस बीच कविनगर थाने की ओर से आ रही एक कार ने कूडे़दान में टक्क र मारी। इसके बाद अनियंत्रित कार ने प्रमोद को अपनी चपेट में ले लिया और वहां खड़ी एक अन्य कार में जा घुसी। दोनों कार के बीच में प्रमोद फंस गया। उसे गंभीर चोटें आईं। शोर मचा तो अस्पताल के अन्य कर्मचारी पहुंचे।
प्रमोद को अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपी को दबोच लिया गया और उसकी जमकर धुनाई की गई। आरोपी शराब के नशे में धुत था। वह बोला ‘मेरे पापा अधिकारी हैं। वे मुझे थाने से छुड़ा लेंगे’।
मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। आरोपी शास्त्री नगर का रहने वाला है और बीटेक स्टूडेंट है। उसके पिता सहारनपुर में सरकारी विभाग में अधिकारी बताए जा रहे हैं।