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मौत का सीवर: दल्लुपुरा में दो कर्मियों की दर्दनाक मौत, 24 घंटे में लील गया छह की जिंदगियां

Wed, 30 Mar 2022 08:34 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दल्लुपुरा में सीवर में सफाई करने उतरे दो कर्मियों की मौत हो गई है। सीवर में मौत की 24 घंटे में यह दूसरी घटना है। इससे पहले समयपुर बादली में एमटीएनएल के तीन कर्मचारी सीवर में उतरे थे। बेसुध होने पर एक रिक्शा चालक उन्हें निकालने के लिए सीवर में उतरा। लेकिन वह भी नहीं निकल पाया।
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मौके पर बचाव दल व इलाके के लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी में गहरे सीवर में उतरकर काम करने के दौरान हादसों का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में मंगलवार चार लोगों की मौत के बाद बुधवार को पूर्वी दिल्ली में इसी तरह का हादसा हो गया। यहां न्यू अशोक नगर थाना क्षेत्र के दल्लूपुरा स्थित दिल्ली जलबोर्ड के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में काम के लिए उतरे दो कर्मचारियों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त खासपुर, बुलंदशहर निवासी नितेश (25) और गांव रटौल, लोनी निवासी यशदेव (35) के रूप में हुई है। दोनों दिल्ली जलबोर्ड के एक ठेकेदार के पास काम करते थे। बुधवार शाम को दोनों करीब छह-सात फुट गहरे गड्ढे में सीवर पाइप लाइन वॉल की मरम्मत के लिए नीचे उतरे थे। गड्ढे में जहरीली गैस की चपेट में आकर दोनों अचेत हो गए। बाद में मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने दोनों को निकालकर एलबीएस पहुंचवाया, जहां उनको मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस संबंध में लापरवाही का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

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पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि बुधवार शाम करीब 5.00 बजे उनकी टीम को सूचना मिली कि दल्लूपुरा स्थित दिल्ली जलबोर्ड के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में दो लोग अचेत हो गए हैं। पुलिस के अलावा दमकल की दो गाडियां वहां पहुंची। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि करीब छह-सात फुट गहरे गड्ढे में नीचे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की बड़ी पाइप लाइन मौजूद हैं। दोनों कर्मचारी सीढ़ी लगाकर उसके वॉल की मरम्मत करने के लिए उतरे थे।

वॉल ढीला करने के दौरान अचानक किसी जहरीली गैस की चपेट में आने से दोनों अचेत हो गए। दमकलकर्मी मास्क और सिलिंडर लेकर नीचे उतरे। करीब 6.30 बजे पहले नितेश को बाहर निकाला गया। इसके कुछ देर बाद यशदेव को निकाला गया। दोनों को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस वहां मौजूद बाकी कर्मचारियों के बयान लेकर छानबीन कर रही है।
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कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार बिना सुरक्षा उपकरणों के उनको इस जोखिम भरे कार्य के लिए भेजता था। पुलिस ने उसके आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बृहस्पतिवार को इनके शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। दोषियों की जिम्मेदारी तय कर उनको जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

यशदेव के परिवार में मातम, चार माह पूर्व ही हुई थी शादी...
मूलरूप से लोनी के रटौल गांव के रहने वाले यशदेव की मौत के बाद से परिवार में मातम का माहौल है। चार माह पूर्व ही यशदेव की भावना से शादी हुई थी। इसके परिवार में पिता गजे सिंह, मां ओमवती व अन्य सदस्य हैं। यशदेव पिछले काफी समय से जलबोर्ड के एक ठेकेदार के पास काम करता था। वह रोजाना अपने गांव से आना-जाना करता था। परिजनों को उसकी मौत की खबर मिली तो वह दिल्ली पहुंच गए। दूसरी ओर नितेश के परिवार को पुलिस ने उसकी मौत की सूचना दे दी थी। उसका परिवार दिल्ली आ रहा था।

केबल की मरम्मत करने सीवर में उतरे चार लोगों की गई जान
समयपुर बादली इलाके में मंगलवार शाम एमटीएनएल केबल की मरम्मत के लिए गहरे सीवर में उतरे तीन कर्मचारियों समेत चार लोग जहरीली गैस में दम घुटने से बेसुध हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने उनकी जान जाने की आशंका जताई थी। जानकारी के अनुसार शाम 6:30 बजे एमटीएनएल के तीन कर्मचारी सीवर में उतरे थे। उनके बेसुध होने पर एक रिक्शा चालक उन्हें निकालने के लिए सीवर में उतरा लेकिन वह भी नहीं निकल पाया। देर रात उनके शव बरामद किए गए।

 
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बचाव कार्य देर रात तक चलता रहा
पुलिस के मुताबिक सीवर काफी गहरा था इसलिए बचाव कार्य देर रात तक चलता रहा। जेसीबी मशीन की मदद से पहले मैनहोल को चौड़ा कर नीचे उतरने की कोशिश की गई। लेकिन बीच में लिंटर आ जाने से काम रोकना पड़ा। बाद में उन्हें निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। जिला पुलिस उपायुक्त बृजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि शाम करीब 6.30 बजे संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से सूचना मिली कि चार लोग सीवर में फंस गए हैं। यहां ईडब्ल्यू-265 में एक मैनहोल में टेलीफोन लाइन की मरम्मत के लिए तीन कर्मचारी उतरे थे। इसके बाद जब वह नीचे फंसे तो एक रिक्शा चालक उनको देखने नीचे चला गया। चारों अंदर ही फंस गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस व दमकल विभाग की गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।
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