भारतीय परिवारों में यौन असंतोष तलाक की एक बड़ी वजह बन रहा है। अभी तक यह चलन सिर्फ मेट्रो शहरों तक ही सीमित था,
लेकिन अब छोटे शहरों में भी यह चलन में आ गया है।
इसी वजह से इन शहरों के पुरुष और महिलाएं यह स्वीकार करने में भी संकोच नहीं कर रही हैं कि शादी के बाद भी उनके एक से अधिक लोगों से संबंध हैं।
आठ मेट्रो शहर समेत 20 शहरों में किए गए सर्वे के आधार पर मेडिएंज्ल्स डॉट कॉम की ओर से एक रिपोर्ट तैयार की गई है।
सर्वे में 64 फीसदी पुरुषों और 36 फीसदी महिलाओं ने की भागीदारी
रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सौंपने की तैयारी है, ताकि स्कूली पाठ्यक्रम में सेक्स एजुकेशन को शामिल किया जाए और सेक्स के प्रति भ्रांतियों को दूर किया जाए।
अध्ययन में शामिल डॉ. देबराज शोम ने बताया कि आठ मेट्रो शहर समेत 20 शहरों में 20 से 65 आयु वर्ग के 6,467 लोगों से बातचीत की गई।
सर्वे में 64 फीसदी पुरुषों और 36 फीसदी महिलाओं को शामिल किया गया। सर्वे के दौरान सबसे बड़ी बात सामने आई कि दंपति के बीच यौन असंतोष तलाक की सबसे बड़ी वजह है।
20 से 30 फीसदी तलाक का कारण बना यौन असंतोष
20 से 30 फीसदी मामलों में देखा गया कि यौन असंतोष से उनका वैवाहिक जीवन खराब हुआ है। सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. वीके वाडिया ने कहा कि सेक्स के प्रति ज्ञान कम होना और उसके प्रति भ्रांतियों की वजह से कई सारी दिक्कतें आती हैं।
लिहाजा सेक्स एजुकेशन को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि सेक्स एजूकेशन पर जितना पर्दा डाला जाएगा, उतना ही उसके बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ेगी।
इसी वजह से सर्वे रिपोर्ट को स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सौंपने की तैयारी है, ताकि सरकार इस दिशा में अपने स्तर से कदम उठा सके।
इन शहरों में हुआ सर्वे
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बंगलूरू, चैन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुणे, सूरत, जयपुर, लखनऊ, वडोदरा, नागपुर, कोयंबतूर, इंदौर, लुधियाना, पटना, विशाखापटनम, कोच्चि और गुवाहाटी।