हरियाणा के सूरजकुंड में 1 फरवरी से लगने वाला अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला भी महंगाई के इस दौर में ज्यादा महंगा हो गया है।
मेले में जिस सेवा पर कभी पैसा नहीं लगा उसके लिए भी इस बार जेब खाली करनी होगी। स्टॉल लेने से एंट्री तक हर जगह दिखेगा महंगाई डायन का असर।
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कई साल से मेले की टिकट 50 रुपये थी। लेकिन इस बार इसे अंतरराष्ट्रीय दर्जा क्या मिला कि इसे 40 फीसदी महंगा कर दिया है। अब वही टिकट 70 रुपये की मिलेगी।
पहले विद्यार्थियों को ग्रुप में जाने पर फ्री एंट्री मिलती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब उन्हें टिकट का 50 फीसदी देना होगा। वह भी शनिवार, रविवार एवं छुट्टी वाले दिनों में इसका लाभ नहीं मिलेगा। यानी कंडीशन अप्लाई है। उन्हें कार्ड दिखाना होगा।
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शिल्पियों के लिए भी इस बार मेला महंगा साबित होने जा रहा है। मेला प्रशासन ने शिल्पकारों से स्टॉल के बदले 10-10 हजार रुपये सर्विस टैक्स के साथ लेने का निर्णय लिया है। यहां तक कि उन्हें आई कार्ड के लिए भी 100 रुपये जमा करने होंगे।
जाहिर है कि शिल्पकार यह भार किसी न किसी रूप में जनता से ही वसूल करेंगे। शिल्पियों के लिए यह चार्ज पहले नहीं लगते थे।
इन्हें मिलेगी राहत:
वरिष्ठ नागरिकों एवं विशेष सक्षम लोगों को 50 फीसदी छूट
मेला प्रशासन ने वरिष्ठ नागरिकों एवं विशेष सक्षम लोगों पर थोड़ा रहम किया है। इन्हें 70 की जगह 35 रुपये में टिकट मिलेगी। इसके लिए भी आई कार्ड दिखाना होगा।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर 10 फीसदी छूट
मेला के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी शुरू की गई है, ताकि लोगों को काउंटर पर लाइन न लगाना पड़े। पहले सिर्फ डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड से टिकट बुक होती थी लेकिन अब नेट बैंकिंग के जरिए भी यह सेवा ली जा सकती है। इसके लिए 27 बैंकों से करार किया गया है। हरियाणा टूरिज्म की वेबसाइट पर जाते ही ऑनलाइन ई-टिकटिंग का ऑप्शन मिलेगा।