दिनदहाड़े लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले भगोड़े बदमाश कृष्ण को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी मिली है। 12वीं में पढ़ने वाली उसकी बेटी के जरिए घर का पता लगा कर पुलिस ने जाल बिछाया तब बदमाश पकड़ में आया।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2010 में राजनगर, पालम में ज्वेलर की दुकान में दिनदहाड़े हुई लूट में तीन आरोपी पकड़े गए थे, लेकिन चौथा बदमाश फरार हो गया था। लूट के दौरान बदमाशों ने ज्वेलर को गोली मार दी थी और कई लाख रुपये की ज्वेलरी लूटकर ले गए थे।
इस मामले में प्रदीप, सुधीर उर्फ सोनू और मोहित पकड़ गया था। कृष्ण की तलाश तब से पुलिस को थी। वर्ष 2010 में द्वारका कोर्ट ने कृष्ण को भगोड़ा घोषित कर दिया था। ग्रेटर कैलाश थानाध्यक्ष संदीप घई की देखरेख में हवलदार सुनील और अनिल की टीम इस बदमाश की तलाश में लगी रही।
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टीम को सूचना मिली थी कि कृष्ण पोचनपुर गांव में पत्नी और बेटी के साथ छिपकर रह रहा है। पुलिस ने बेटी के स्कूल और उसके जरिए घर का पता लगाया। आरोपी अपने घर पर कुछ ही समय के लिए आता था। इसलिए कृष्ण के घर के पास ही हवलदार सुनील और अनिल ने किराए पर मकान लेकर अपना जाल बिछाया।
आरोपी कृष्ण ने पूछताछ में बताया कि वह वाहन चोरी भी करता है। उसके खिलाफ इलाहाबाद में पांच, साहिबाबाद में तीन और दिल्ली में वाहन चोरी के पांच मामले समेत कुल 18 प्रकरण दर्ज हैं। कृष्ण की प्रदीप, सुधीर और मोहित से डासना जेल में मुलाकात हुई थी और डासना जेल में ही ज्वेलर के यहां लूटपाट करने की साजिश रची थी।