साइबर सिटी से सूरजकुंड मेले में रोजाना शिरकत करने वालों की तादात अच्छी खासी है। मगर जो लोग शॉपिंग के इरादे से गए थे उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
मेले से लौटकर आने वालों का कहना है कि वहां पर मौजूद उत्पाद काफी महंगे हैं। इस कारण 90 प्रतिशत लोग मेले में सिर्फ घूम-टहल कर वापस लौट रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि शॉपिंग करने वालों को मेले के आखिरी दिनों का इंतजार करना चाहिए। उस समय उन्हें सस्ते सामान मिलेंगे।
एक फरवरी से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में अच्छी खासी रौनक हो गई है। गुड़गांव के लोगों में भी भरपूर उत्साह देखा जा रहा है। यहां से रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग मेले में जा रहे हैं। गुड़गांव के कॉलेजों के विद्यार्थी भी मेले में पहुंचने लगे हैं।
पिछले कई वर्षों से सूरजकुंड मेले में जाने वाले बताते हैं कि मेले के अंत में सामान काफी सस्ते हो जाते हैं जिसको उत्पादों को खरीदना हो वह 12 से 15 फरवरी तक मेले में जाए उसे सस्ते सामान मिलेंगे। जो सामान मेले के शुरुआती दिनों ओर पीक टाइम में 100 रुपये में आते हैं वही सामान अंत में 30 रुपये तक में मिलने लगते हैं।
खाद्य सामग्री के नमूने भरे
सूरजकुंड मेले में आने वाले दर्शकों के स्वास्थ्य को किसी भी प्रकार की हानि न पहुंचे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को खाद्य सामग्री के नमूने लिए। करीब एक घंटे चली जांच के दौरान टीम ने पाव-भाजी, सोन पापड़ी, नमक, छोले और हल्दीराम की नमकीन के सैंपल भरे। सैंपल जांच के लिए शुक्रवार को चंडीगढ़ भेजे जाएंगे। निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान यह भी जांच की गई कि जिन चीजों को बेचा जा रहा है, उनकी प्रयोग तिथि समाप्त हो चुकी है या नहीं। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पीसी आर्या ने बताया कि जांच प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई हो सकती है।